
रायसेन/ दीपक श्रीवास्तव: मध्यप्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के तहत संचालित संस्थाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्वालिटी ऑडिट मोबाइल ऐप लागू किया गया है। इस नई डिजिटल पहल के तहत प्रदेश की 252 सामाजिक संस्थाओं की निगरानी अब मोबाइल एप के माध्यम से की जाएगी।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का हिस्सा
यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का हिस्सा है, जबकि विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा के प्रयासों से इसे प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
नशा मुक्ति केंद्र जैसी संस्थाएं इस प्रणाली के दायरे में शामिल
प्रदेश में दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, वृद्धाश्रम, विशेष विद्यालय और नशा मुक्ति केंद्र जैसी संस्थाएं इस प्रणाली के दायरे में शामिल हैं। एमपीएसईडीसी द्वारा विकसित यह ऐप निरीक्षण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाता है।
निर्धारित प्रश्नों के उत्तर दर्ज
निरीक्षण प्रक्रिया में जिला अधिकारी द्वारा पोर्टल पर लॉगइन, निरीक्षण दल का गठन, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑन-साइट निरीक्षण शामिल है। निरीक्षण के दौरान कम से कम 5 फोटो, विस्तृत विवरण और निर्धारित प्रश्नों के उत्तर दर्ज किए जाते हैं।
रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध
इसके बाद संस्था की ग्रेडिंग की जाती है और रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हो जाती है, जिसे जिला स्तर पर समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाते हैं।
सरकार का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल निगरानी मजबूत होगी, बल्कि दिव्यांगजन और जरूरतमंदों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और सामाजिक सेवा क्षेत्र में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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