
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर संचालित 15 दिवसीय ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ के तहत रतलाम जिले में स्कूलों और महाविद्यालयों में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जागरूक किया।
अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पंद्रो ने शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की जानकारी दी। वहीं नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया और थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने कॉमर्स कॉलेज में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए।


आलोट, ताल, नामली, बाजना, कालूखेड़ा, रावटी, जावरा सहित जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों और विद्यालयों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, QR कोड स्कैम, APK फाइल, बैंकिंग फ्रॉड, फोटो स्पूफिंग, निवेश ठगी और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए गए। कई स्थानों पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।
जावरा के शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साइबर जागरूकता के साथ-साथ CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का भी प्रशिक्षण दिया गया, जबकि रावटी और नामली क्षेत्र में सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर भी विशेष जानकारी दी गई।
रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘सेफ क्लिक अभियान 2.0’ का उद्देश्य जिले के प्रत्येक विद्यार्थी और नागरिक को डिजिटल रूप से जागरूक एवं साइबर सुरक्षित बनाना है। यह जनजागरूकता अभियान आगामी दिनों में भी जिलेभर के शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर जारी रहेगा।








