
सागर | रिपोर्ट – मनीष कुमार चौबे
सड़क हादसों पर लगाम लगाने और बढ़ते डिजिटल अपराधों के प्रति नई पीढ़ी को सतर्क करने के उद्देश्य से सागर पुलिस ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। इसी कड़ी में गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को शंकरगढ़ स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) में भव्य जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सड़क सुरक्षा: आँकड़े डराने वाले, सावधानी ही समाधान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी (यातायात) मोहन सिंह ठाकुर ने जिला सागर के चिंताजनक आँकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कारण लगभग 570 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन जीने का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।
छात्रों के लिए मुख्य निर्देश
- हेलमेट की अनिवार्यता: दोपहिया वाहन चलाते समय गुणवत्तापूर्ण हेलमेट जरूर पहनें।
- मोबाइल से दूरी: ड्राइविंग के दौरान फोन का उपयोग जानलेवा हो सकता है।
- नशा और गति: तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चलाना खुद और दूसरों के लिए मौत का बुलावा है।
- गोल्डन ऑवर: दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में घायल की मदद कर उसकी जान बचाना हमारा मानवीय कर्तव्य है।
साइबर सुरक्षा: डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाव
आज के डिजिटल युग में छात्र सबसे अधिक इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं, ऐसे में साइबर सेल के एक्सपर्ट कुलदीप ठाकुर ने उन्हें ऑनलाइन सुरक्षा के कड़े पाठ पढ़ाए। उन्होंने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए दौर के फ्रॉड से बचने की सलाह दी।
साइबर सेल की महत्वपूर्ण सलाह
- मजबूत पासवर्ड: सोशल मीडिया और नेट बैंकिंग के लिए जटिल पासवर्ड का उपयोग करें।
- फर्जी URL से बचें: फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे दिखने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- लुभावने ऑफर: टेलीग्राम और अन्य एप्स पर शेयर बाजार या क्रिप्टो करेंसी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहें।
- सॉफ्टवेयर सावधानी: बिना जांचे-परखे किसी भी अनजान मोबाइल एप को इंस्टॉल न करें।
विद्यालय प्रबंधन की सहभागिता
इस गरिमामय कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्या श्रीमती ज्योति दुबे, सीनियर टीचर राजेंद्र गौतम और काउंसलिंग टीचर श्रीमती नेहा मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्राचार्या ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।
सागर पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जन-जागरूकता ही वह सशक्त माध्यम है, जिससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है, बल्कि समाज को साइबर अपराधियों के जाल से भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
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