
सागर: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर को ‘जीरो लिक्विड वेस्ट सिटी’ बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर काम तेज कर दिया गया है। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की समीक्षा बैठक में कलेक्टर सह अध्यक्ष प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी नालों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि प्राकृतिक जलस्रोत पूरी तरह स्वच्छ रह सकें और किसी प्रकार का लिक्विड वेस्ट बाहर न जाए।
बैठक में निगमायुक्त सह सीईओ राजकुमार खत्री सहित वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का औचक निरीक्षण भी किया, जहां उन्होंने ट्रैफिक, स्वच्छता और अन्य नागरिक सेवाओं की लाइव मॉनिटरिंग प्रणाली की समीक्षा की।
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उन्होंने विशेष रूप से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों की GPS ट्रैकिंग व्यवस्था को देखा और निर्देश दिए कि सभी वाहन समयबद्ध तरीके से कार्य करें और देरी होने पर सिस्टम के माध्यम से तुरंत सुधार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत विकसित स्ट्रीट लाइट सिस्टम, एनर्जी ऑडिट और बिजली मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की और कहा कि दिन के समय किसी भी हालत में स्ट्रीट लाइटें चालू नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में लाखा बंजारा झील कायाकल्प परियोजना की भी सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि झील में कनेरादेव फीडर कैनाल से आने वाले वर्षा जल के कारण भूजल स्तर में सुधार हुआ है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल संरक्षण अभियान के तहत गंदे पानी को किसी भी स्थिति में जलस्रोतों में न जाने दिया जाए और सभी अपशिष्ट जल का ट्रीटमेंट कर पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा सिटी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ड्रेनेज सिस्टम, बस टर्मिनल और अन्य स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी परियोजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर को स्मार्ट और स्वच्छ मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा सके।
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