
सीहोर/नफीस खान। जिले में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने गेहूं खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर भादाकुई स्थित ओम साईं वेयरहाउस को आगामी एक रबी विपणन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कलेक्टर ने मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता
प्रशासन को गेहूं खरीदी के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच में पाया गया कि जिन किसानों की स्लॉट बुकिंग भविष्य की तारीखों में निर्धारित थी, उनका गेहूं निर्धारित समय से पहले ही वेयरहाउस में जमा कर लिया गया। प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया उपार्जन नियमों के विपरीत है और इससे खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित होती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की गई।
नोटिस के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब
अनियमितताओं के सामने आने के बाद गोदाम संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रशासन ने उनसे पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन निर्धारित समयावधि में कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए ओम साईं वेयरहाउस को अगले रबी सीजन की खरीदी प्रक्रिया से बाहर रखने का निर्णय लिया।
कलेक्टर ने दिए सख्त संदेश
कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैक-डेट या एडवांस में खरीदी जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले संस्थानों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अन्य वेयरहाउस संचालकों के लिए भी चेतावनी
कलेक्टर की इस कार्रवाई को जिले में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी नियमों और किसानों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों और वेयरहाउस संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन का उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखना है।
सीहोर में गेहूं खरीदी के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर जिला प्रशासन की यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा और उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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- Sehore Collector takes strict action against irregularities wheat procurement










