
रायसेन: राज्य शासन की शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026 के अंतर्गत रायसेन जिले में पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को सैन्य एवं सुरक्षा सेवाओं में भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योजना के तहत जिले के 137 बालक एवं बालिकाओं को माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर में 45 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य युवाओं को सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस, होमगार्ड तथा निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए शारीरिक, मानसिक एवं व्यावसायिक रूप से तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न रोजगारपरक अवसरों और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को आयोजित एक विशेष सत्र में जिले की शासकीय आईटीआई की प्राचार्य श्रीमती शिवाली तोमर ने प्रतिभागियों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में संचालित विभिन्न आईटीआई पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया, उपलब्ध ट्रेड्स तथा प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले विभिन्न भत्तों और सुविधाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
प्रशिक्षण अधिकारी प्रदीप खातरकर ने युवाओं को आईटीआई पाठ्यक्रमों की उपयोगिता बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा रोजगार प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं की जानकारी भी दी।
वहीं प्रशिक्षण अधिकारी राजेश ठवरे ने शासकीय आईटीआई में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण सुविधाओं और कौशल विकास की नवीन शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक संचालक नवीन गुप्ता, माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य सुधीर जैन तथा अधीक्षिका लक्ष्मी परिहार भी उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
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