
शिवपुरी।कुलदीप शर्मा| करैरा क्षेत्र में आगजनी और जान से मारने की धमकी के मामले में नामजद किए गए तीन लोगों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोपों को निराधार बताया है। मान सिंह फौजी, रनवीर सिंह और रवि गौतम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि घटना के समय उनके पास मौजूद साक्ष्यों से उनकी मौजूदगी की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
टपरिया में आग लगाने और धमकी देने का आरोप
शिकायत में बताया गया कि ग्राम कलोथरा निवासी राय सिंह, कमल किशोर, राजकिशोर और उनके परिवार की ओर से 4 अगस्त की घटना को लेकर तीनों पर टपरिया में आग लगाने और चाकू से धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं।
सीसीटीवी और ड्यूटी रिकॉर्ड को बताया सबूत
मान सिंह फौजी और रनवीर सिंह का दावा है कि घटना के समय वे अपने घर पर मौजूद थे। उनका कहना है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से इसकी पुष्टि हो सकती है। वहीं रवि गौतम ने बताया कि घटना के समय वह 132 केवी पावर हाउस, चिनोद में नाइट ड्यूटी पर थे। उनके अनुसार ड्यूटी रजिस्टर और वहां के सीसीटीवी रिकॉर्ड से भी इसकी पुष्टि की जा सकती है।
पूर्व सैनिक होने का भी दिया हवाला
आवेदन में बताया गया है कि मान सिंह और रनवीर सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनका दावा है कि उनके खिलाफ पहले कभी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
दोषी मिलने पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं यदि आरोप झूठे साबित होते हैं तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी झूठी शिकायत और मानहानि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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