सिंगरौली नगर निगम में ‘भ्रष्टाचार’ का आउटसोर्सिंग मॉडल; कटनी की ब्लैकलिस्टेड संस्था को रेड कार्पेट

सिंगरौली: मध्य प्रदेश की ऊर्जा राजधानी सिंगरौली नगर निगम में पारदर्शिता और नियमों को ताक पर रखकर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी (CLC) को एंट्री देने की तैयारी है, जो पहले से ही शासन के विरुद्ध लोकायुक्त जाँच के घेरे में है, यह कंपनी भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों में घिरी है। मध्य प्रदेश सरकार की SEDMAP जैसी सरकारी संस्था को हटाकर एक विवादित निजी कंपनी को ठेका देना, सीधे तौर पर शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को चुनौती दे रहा है।

CLC कंपनी और निगम की साठगांठ के 5 बड़े सवाल

जांच के घेरे में रही CLC कंपनी को प्राथमिकता क्यों?

जिस कंपनी के तार कटनी नगर निगम के उन घोटालों से जुड़े हैं जिनकी जांच लोकायुक्त कर रहा है, उसे सिंगरौली में ‘क्लीन चिट’ किसने और किस आधार पर दी? क्या सिंगरौली नगर निगम लोकायुक्त की जांच से ऊपर है?

SEDMAP जैसी पारदर्शी व्यवस्था का गला क्यों घोंटा गया?

अब तक सिंगरौली में आउटसोर्सिंग का काम सरकारी उपक्रम SEDMAP के पास था, जहाँ कर्मचारियों को समय पर वेतन और PF मिलता था। एक सुचारू सरकारी व्यवस्था को हटाकर, विवादित निजी कंपनी को लाने के पीछे वे कौन से अफसर है जिनका ये ‘निजी स्वार्थ’ है ?

कटनी का ‘करप्शन मॉडल’ सिंगरौली में दोहराने की तैयारी?

कटनी में इस कंपनी पर फर्जी हाजिरी और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर भुगतान लेने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। क्या सिंगरौली में भी जनता के टैक्स के पैसे को इसी तरह ठिकाने लगाने की योजना है?

कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों?

CLC कंपनी के आते ही कर्मचारियों में पीएफ (PF) और वेतन कटौती का डर ज्यादा बैठ गया है। शासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या एक बदनाम कंपनी को ठेका देकर हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों को दांव पर लगाना उचित है?

टेंडर प्रक्रिया की प्रणाली पर संदेह

जब संबंधित संस्था पर पहले से ही कागजों में धोखाधड़ी के आरोप हैं, तो उसे तकनीकी और वित्तीय बिड (Bid) में अयोग्य घोषित क्यों नहीं किया गया? क्या यह टेंडर प्रक्रिया केवल एक दिखावा था ?

सिंगरौली नगर निगम का यह निर्णय न केवल प्रशासनिक नैतिकता के खिलाफ है, बल्कि यह आर्थिक घोटाले की ओर स्पष्ट इशारा करता है। यदि समय रहते नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य सरकार ने इस पर रोक नहीं लगाई, तो सिंगरौली नगर निगम भी कटनी की तरह जांच और विवादों का अड्डा बन जाएगा।

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Rashel Kachwah Rajput

Rashel Kachwah Rajput

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