इंस्टाग्राम रील के बहाने नाबालिग दोस्तों ने रची खौफनाक साजिश, 15 वर्षीय मयंक चौधरी की हत्या में खुलासा

उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: उमरिया जिले में इंस्टाग्राम के लिए रील बनाने के बहाने नाबालिक दोस्तो की खूनी साजिश का सनसनीखेज खुलासा,दो दोस्तों के बीच गर्लफ्रेंड से पनपी दरार में वारदात,दोनो आरोपी नाबालिक दोस्त गिरफ्तार ।

हत्या का जिम्मेदार उसके ही दो नाबालिक दोस्त

उमरिया जिले के मानपुर से 14 मई को लापता हुए 15 वर्षीय मयंक चौधरी की सगमनिहा के जंगल में 17 मई को मिली लाश का इशारा साफ किसी आपराधिक साजिश का था लेकिन इतनी खौफनाक और आश्चर्यजनक होगी शायद किसी ने नहीं सोचा था, पुलिस के द्वारा आज घटना के खुलासे में मयंक की हत्या का जिम्मेदार उसके ही दो नाबालिक दोस्तो को बताया गया है।

किडनैपिंग की रील बनाने की साजिश रची

दोस्तो ने इंस्टाग्राम में किडनैपिंग की रील बनाने की साजिश रची और योजना के मुताबिक मयंक को जंगल में ले जाकर सीन क्रिएट करने मयंक के हाथ पैर बांधकर मुंह में टेप लगाकर तैयारी की गई, और मयंक कुछ समझ पाता तब तक दोनो दोस्त ने मयंक को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया,वजह आरोपी दोस्त की गर्लफ्रेंड को बताया गया है जिससे कुछ दिनों से मयंक भी बात करने लगा था।

आरोपी दोस्त के मन में रंजिश 

यही वह टर्निंग प्वाइंट था जिसने आरोपी दोस्त के मन में रंजिश पैदा की और उसने मयंक को रास्ते से हटाने का फैसला कर साजिश रच डाली,साजिश में आरोपी ने अपने एक दूसरे दोस्त को साथी बनाया और बड़ी ही चालाकी से पूरी घटना को अंजाम देकर सामान्य तरीके से घर चला गया।

लापता होने से शुरू हुई कहानी का  मौत के साथ अंत

पुलिसिया तफ्तीश में मृतक का मोबाइल बड़ा काम आया जिसके सहारे पुलिस हत्यारे तक पहुंच गई,  मृतक मयंक चौधरी मूल रूप से कटनी जिले के विजयराघवगढ़ का रहने वाला था और गर्मी की छुट्टी बिताने मानपुर अपने रिश्तेदार के यहां आया था,जहां अचानक उसके लापता होने से शुरू हुई कहानी का उसके मौत के साथ अंत हो गया ।

  • Underage-friends-hatched-horrific-plot-using-Instagram-reels-revealing-the-murder-case
Manisha Gupta

Manisha Gupta

Related Posts

दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम ने मांगी जमानत, अदालत में दाखिल की याचिका

नई दिल्ली। फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से…

आगे पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

‘राष्ट्रवाद’ का नया शोरूम: पोर्ट गया, एयरपोर्ट गया, सैनिक स्कूल गया… क्या अब सेना भी ‘साहब के मित्र’ की होगी?

राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

राष्ट्रपति भवन से लोकतंत्र का अपमान? 2 करोड़ जनता के दूतों को समय नहीं, आदिवासी महिला मीनाक्षी नटराजन का रास्ता रोकने के पीछे क्या है BJP की मंशा?

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?

शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?