चयन के बाद संकट में युवा आईएएस मेधावी, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र पर उठे बड़े सवाल

प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक युवा आईएएस मेधावी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हाल ही में चयनित इस अधिकारी को कभी सफलता और संघर्ष की मिसाल माना जा रहा था, लेकिन अब वही अफसर गंभीर विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि अफसर का चयन ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आधार पर हुआ था और इसी प्रमाणपत्र के सहारे उन्होंने प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की थी। शुरुआती दौर में उनकी उपलब्धियों की खूब सराहना हुई, लेकिन अब उनके चयन और पात्रता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी वास्तव में ईडब्ल्यूएस श्रेणी की पात्रता में नहीं आते। शिकायत सामने आने के बाद मामला तेजी से प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि जिला स्तर पर इस पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल कराई गई, जिसमें दस्तावेजों और आर्थिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। इस जांच के बाद तैयार रिपोर्ट ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

चर्चा है कि जांच रिपोर्ट में शिकायत को सही पाए जाने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में कथित तौर पर यह कहा गया कि संबंधित आईएएस अधिकारी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसी आधार पर गृह मंत्रालय तक रिपोर्ट भेजे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।

वहीं, इस पूरे विवाद ने प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण और आर्थिक आधार पर मिलने वाली सुविधाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि पात्रता से जुड़ी जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो इससे चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। फिलहाल युवा आईएएस अफसर की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह विवाद आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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gaurav singh rajput

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