
होटल-रेस्टोरेंट संचालक बोले- बढ़ी कीमत देने को भी तैयार, फिर भी गैस नहीं
सार
देश के कई राज्यों में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड आउटलेट्स को मिलने वाले कॉमर्शियल LPG गैस सिलेंडरों की सप्लाई अचानक प्रभावित हो गई है। कई शहरों में गैस एजेंसियों ने नई बुकिंग रोक दी है या सीमित कर दी है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि वे बढ़ी हुई कीमत पर भी गैस खरीदने को तैयार हैं, लेकिन बाजार में सिलेंडर उपलब्ध ही नहीं हैं। इस स्थिति से होटल उद्योग में बड़ा संकट खड़ा हो गया है और कई जगह रसोई बंद होने की चेतावनी दी जा रही है।
विस्तार
कई शहरों में कॉमर्शियल LPG की सप्लाई प्रभावित
मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, जयपुर और कई अन्य शहरों में होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी कमी की शिकायत की है। कई जगह गैस वितरकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग बंद हो गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार कई गैस एजेंसियों ने नई बुकिंग स्वीकार करना भी बंद कर दिया है। इससे होटल उद्योग को अपने रोजमर्रा के संचालन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की चेतावनी
होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि अगर जल्द गैस सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कई शहरों में होटल-रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है।
बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि गैस नहीं मिलने की स्थिति में कई होटल अपनी रसोई बंद करने पर मजबूर हो सकते हैं। इससे हजारों लोग प्रभावित होंगे, क्योंकि छात्र, कर्मचारी और कई लोग रोजाना भोजन के लिए होटल-रेस्टोरेंट पर निर्भर रहते हैं।
उद्योग संगठनों ने सरकार से की दखल की मांग
देश के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने कहा है कि अगर कॉमर्शियल गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो देशभर के हजारों रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा पैदा हो सकता है।
एसोसिएशन ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश जारी करने और गैस वितरण सामान्य करने की मांग की है।
मिडिल ईस्ट संकट और आयात में रुकावट वजह
विशेषज्ञों के अनुसार इस संकट की एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव है। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़े तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा आने से गैस आपूर्ति की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी कारण कई जगह कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता कम हो गई है।
कीमतें भी बढ़ीं, फिर भी गैस नहीं
इस बीच कॉमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। इसके बावजूद होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि बढ़ी कीमत देने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है।
कई जगहों पर गैस की कमी के कारण ब्लैक मार्केटिंग का खतरा भी बढ़ गया है और छोटे ढाबों व फूड स्टॉल के सामने कारोबार बंद होने का संकट खड़ा हो गया है
सरकार का पक्ष
तेल कंपनियों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रखी जा रही है। हालांकि कॉमर्शियल गैस वितरण में कुछ जगह अस्थायी बाधाएं आने की बात स्वीकार की गई है।
सरकार ने रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि आम उपभोक्ताओं की सप्लाई प्रभावित न हो।









