
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों ‘कुर्सी दौड़’ का खेल चरम पर है। मंत्रालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक, हर कोई अपनी मनचाही पोस्टिंग के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। लेकिन, इसी गहमागहमी के बीच एक सीनियर IPS अफसर की चर्चा जोरों पर है, जिन्होंने अपनी एक अलग ही ‘बिसात’ बिछाई है।
आमतौर पर अधिकारी मुख्यमंत्री यानी ‘मुखिया जी’ की पसंद की जगह पाने के लिए कतार में रहते हैं, लेकिन यहाँ माजरा उल्टा है। चर्चा है कि मुखिया जी खुद इन साहब को उनकी पसंदीदा जगह पर भेजना चाहते हैं, पर साहब अपनी मौजूदा पोस्टिंग से इतने संतुष्ट हैं कि फिलहाल हिलने को तैयार ही नहीं।
इस संतोष के पीछे का असली राज उनकी ‘दूरदर्शिता’ बताई जा रही है। जानकारों की मानें तो साहब ने अपनी रणनीति भविष्य के समीकरणों को देखकर तैयार की है। उन्होंने ADG स्तर पर केंद्र में अपना इम्पैनलमेंट करा लिया है।
जब बाकी अफसर आज की मलाईदार पोस्टिंग के लिए जोड़-तोड़ में व्यस्त हैं, तब इन IPS साहब ने सुरक्षित भविष्य की राह पहले ही चुन ली है। उनकी सोच साफ है अगर कल को राज्य के सियासी हालात बदलते हैं, तो वे आसानी से केंद्र का रुख कर सकेंगे। सत्ता के गलियारों में लोग अब साहब की इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ वाली चाल की तारीफ करते नहीं थक रहे।







