
ब्रांडवाणी डेस्क: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में इन दिनों एक गोपनीय ‘पत्र’ को लेकर खलबली मची हुई है. प्रदेश की सत्ता के गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि एक कैबिनेट मंत्री और उनके विभाग की प्रमुख सचिव (PS) के बीच की तनातनी अब आर-पार की जंग में तब्दील हो चुकी है.
मिली जानकारी के मुताबिक, एक वर्तमान कैबिनेट मंत्री, जो पहले केंद्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, अपनी ही विभाग की सख्त और ईमानदार छवि वाली प्रमुख सचिव से काफी असहज महसूस कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि मंत्री जी के निर्देशों और मैडम की कार्यशैली के बीच ‘छत्तीस का आंकड़ा’ है. स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है कि मंत्री जी जो आदेश देते हैं, फाइलें उसके ठीक उलट दिशा में चलती नजर आती हैं.
मंत्री की ‘पत्र राजनीति’
सीधी टक्कर से बचते हुए मंत्री जी ने राजनीति का एक ‘अनोखा रास्ता’ चुना है. खबर है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक कड़ा पत्र लिखा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके विभाग के वरिष्ठ अफसर एक कथित घोटाले में एक पूर्व मुख्य सचिव को बचाने का प्रयास कर रहे हैं. यह पत्र केवल एक शिकायत नहीं है, बल्कि PS मैडम की “घेराबंदी” करने की एक सोची-समझी रणनीति है. राजनीति में कभी-कभी निशाना कहीं और साधा जाता है और तीर कहीं और जाकर लगता है. यहां भी दिखावे के लिए पूर्व मुख्य सचिव का नाम लिया गया है, लेकिन असल मकसद वर्तमान अफसरशाही पर नकेल कसना है,
मुख्यमंत्री का रुख होगा निर्णायक
अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्यमंत्री इस “लेटर वार” पर क्या रुख अपनाते हैं। क्या मंत्री जी की यह ‘पत्र राजनीति’ सफल होगी या ईमानदार छवि वाली पीएस मैडम अपनी कार्यशैली से इस चक्रव्यूह को भेदने में कामयाब रहेंगी? फिलहाल, इस खबर ने मंत्रालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सनसनी फैला दी है.
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