
बुरहानपुर: जिले की मांजरोद कला ग्राम पंचायत शनिवार को महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल बन गई है। यहां आजादी के बाद से अब तक कभी पंचायत चुनाव नहीं हुए और हर बार गांव के लोग आपसी सहमति से प्रतिनिधियों का चयन करते हैं।
वर्तमान में पंचायत की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं के पास है। सरपंच से लेकर उपसरपंच और सभी 11 वार्डों की पंच महिलाएं हैं। पिछले लगभग 9 वर्षों से गांव का विकास कार्य महिलाओं के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है।
साल 2022 में भी यहां निर्विरोध चुनाव हुआ था, जिसमें लाड़की बाई सावलकर सरपंच चुनी गईं। उनके कार्यकाल में पंचायत को 15 लाख रुपए का पुरस्कार मिला, जिसे गांव के विकास कार्यों में लगाया गया।
गांव में सड़क, नल-जल योजना, आंगनवाड़ी भवन, स्कूल और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।ग्रामीणों के अनुसार यहां हर निर्णय सहमति से लिया जाता है और किसी प्रकार का विवाद नहीं होता। गांव की करीब 1500 की आबादी और 300 परिवार 100% टैक्स भुगतान कर विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।
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