
साओ विसेंट द्वीप: भारतीय नौसेना का नौवहन प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शिनी 4 मई 2026 को अफ्रीका के केप वर्डे स्थित साओ विसेंट द्वीप के मिंडेलो बंदरगाह पहुँच गया है। 20 जनवरी 2026 को रवाना होने के बाद यह इस यात्रा का आठवां ठहराव है और कैरेबियन सागर की ओर बढ़ने से पहले अफ्रीका में अंतिम पड़ाव माना जा रहा है।
इस दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर स्थानीय समुद्री अधिकारियों से मिलेंगे और केप वर्डे तटरक्षक बल के साथ प्रशिक्षण एवं पेशेवर हस्तांतरण-तत्व कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद भी होगा, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और मजबूत होगा।
स्थायित्व के दौरान INS सुदर्शिनी को आम जनता के लिए भी खोला जाएगा, जिससे स्थानीय लोग जहाज का अनुभव कर सकेंगे और नौसेना के दल से संवाद कर पाएंगे। यह अभियान “लोकायन-26” के तहत चल रहा है, जिसमें जहाज अब तक 8,000 समुद्री मील से अधिक दूरी तय कर चुका है।
इस यात्रा को भारतीय नौसेना की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और समुद्री कमान के एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यह पुनर्वास भारत की समुद्री शक्ति, पेशेवर दक्षता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है।
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