
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने मध्य प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। वायरल फोटो में जिला कलेक्टर एक सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच नजर आ रहे हैं, जहां दीवार पर लगे भारत के नक्शे में जम्मू-कश्मीर का हिस्सा गायब दिखाई दे रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण और बच्चों से संवाद कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे। इस दौरान बच्चों को पढ़ाई के लिए लगाए गए शैक्षणिक चार्ट और नक्शों का अवलोकन भी किया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में लोगों की नजर सीधे उस नक्शे पर गई, जिसमें भारत का मानचित्र अधूरा दिखाई दे रहा था। इसके बाद यह फोटो तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होने लगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को सही और प्रमाणिक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में भारत के नक्शे से कश्मीर का हिस्सा गायब होना केवल एक सामान्य गलती नहीं माना जा सकता। कई लोगों ने इसे देश की अखंडता और संवेदनशीलता से जुड़ा मामला बताते हुए इसकी जांच की मांग की है। वहीं कुछ लोग इसे प्रिंटिंग या सामग्री चयन में हुई चूक बता रहे हैं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल तस्वीर ने सरकारी स्कूलों में उपयोग हो रही शैक्षणिक सामग्री की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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