मैहर। में दामोदर रोपवे को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा रोपवे से जुड़े मामलों की जांच शुरू किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। शहर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में निष्पक्ष जांच करना चाहता है, तो रोपवे से जुड़े कई पुराने मामलों और कथित अनियमितताओं की गहन पड़ताल जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से रोपवे संचालन और निर्माण कार्यों में कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समय के साथ मामलों पर कार्रवाई ठंडी पड़ती गई। लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासनिक स्तर पर सख्ती दिखाई देती है तब तक कार्रवाई की बातें होती हैं, लेकिन बाद में मामले दब जाते हैं।
कंपनी के नाम परिवर्तन और वित्तीय मामलों पर सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि दामोदर रोपवे के संचालन के दौरान कंपनी संरचना और अनुबंधों में बदलाव किए गए। आरोप है कि पहले “दामोदर रोपवे एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी” के नाम से संचालित होने वाली कंपनी का बाद में नाम बदलकर “दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड” कर दिया गया।
कुछ लोगों का दावा है कि इस बदलाव के बाद पुराने वित्तीय दायित्वों और देनदारियों को लेकर सवाल खड़े हुए थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन सभी दस्तावेजों, अनुबंधों और वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच कराए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि मैहर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता का विश्वास बना रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट: देवेश शर्मा
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