
गुना/गौरव शर्मा की रिपोर्ट: गुनिया नदी के संरक्षण, संवर्धन और आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ सुरक्षा तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शहरी क्षेत्र के कई संवेदनशील स्थानों का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गोपालपुरा, मंडी रोड, हाट रोड रपटा, मंडी पुल और बांसखेड़ी क्षेत्र में पहुंचकर गुनिया नदी के जल प्रवाह, जल निकासी व्यवस्था तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों की स्थिति का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का करीब ढाई घंटे तक निरीक्षण कर पूर्व में बनाई गई योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया गया है, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
कलेक्टर कन्याल ने बताया कि गोपालपुरा बांध की ऊंचाई लगभग 4 फीट बढ़ाई जा चुकी है, जिससे जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे में कमी आएगी। उन्होंने ऐसे स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए जहां तीन दिशाओं से पानी का बहाव एक साथ होता है। ऐसे जंक्शन पॉइंट्स पर लगभग 4-4 फीट ऊंची तार फेंसिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षा के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे।
नानाखेड़ी गेट मार्ग पर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कुछ स्थानों पर जल निकासी की समस्या बनी रहती है। इस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा पहले से तैयार किए गए नाला निर्माण एस्टीमेट के अनुसार कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर पालिका को तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाकर सभी जल निकासी मार्गों को अवरोधमुक्त रखने के आदेश दिए गए।
उन्होंने गुनिया नदी क्षेत्र में जमा कचरा और मलबा हटाने के लिए प्रतिदिन कम से कम 4 डंपर लगाए जाने के निर्देश दिए और वर्षा से पहले लगभग 50 राउंड डंपिंग कार्य पूर्ण करने को कहा, ताकि नदी का प्रवाह बाधित न हो और जलभराव की स्थिति न बने। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी बताया कि गुनिया नदी प्रोजेक्ट की विस्तृत योजना शासन को भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद नदी के नवीनीकरण और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के कार्य बड़े स्तर पर शुरू किए जाएंगे, जिससे शहरी सौंदर्यीकरण के साथ-साथ जल प्रबंधन भी बेहतर होगा। उन्होंने बांसखेड़ी पुलिया क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और दोनों ओर जमा कचरे को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्य हिस्से की सफाई विशेष रूप से जरूरी है, ताकि पूर्व की तरह जलभराव की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, एसडीएम गुना शिवानी पांडे, तहसीलदार जीएस बैरवा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग कोमल उइके सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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