
जबलपुर/भोपाल: द्विशा शर्मा हत्याकांड मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका लगा है। बुधवार देर रात हुई एक विशेष सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रिटायर्ड जज द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा है। उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के ठीक कुछ घंटों बाद गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम सीधे गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंच गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय एजेंसी ने उनसे सघन पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे अब उनकी गिरफ्तारी का रास्ता पूरी तरह साफ माना जा रहा है।
हाई कोर्ट ने पलटा सत्र अदालत का फैसला
इससे पहले भोपाल की एक अतिरिक्त सत्र अदालत ने बीती 15 मई 2026 को इस मामले के तथ्यात्मक पहलुओं को देखते हुए गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने पलट दिया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने बुधवार देर रात अपना 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा “मामले के तथ्यात्मक पहलुओं और प्रतिवादी (गिरिबाला सिंह) के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के आलोक में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा 15 मई 2026 को पारित अग्रिम जमानत आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।”
सीबीआई के हाथ में है मामले की कमान
गौरतलब है कि इसी हफ्ते सीबीआई ने मध्य प्रदेश पुलिस से द्विशा शर्मा हत्याकांड की जांच पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है। केस दर्ज कर जांच शुरू करते ही सीबीआई ने कार्रवाई तेज कर दी थी और मृतका के पति समर्थ सिंह को पहले ही अपनी हिरासत में ले लिया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। अब मामले में मुख्य आरोपी और मृतका की सास गिरिबाला सिंह की भी अग्रिम जमानत खारिज होने और सीबीआई की घर पर धमक के बाद इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में कानूनी शिकंजा बेहद कड़ा हो गया है।
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