
भोपाल: राजधानी भोपाल के बहुचर्चित द्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से ठीक पहले बचाव पक्ष का बड़ा बयान सामने आया है। मामले के आरोपियों पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शर्मा ने इंदौर में मीडिया से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल शुरुआत से ही जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। अधिवक्ता ने कहा कि उचित समय आने पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी उनका पक्ष मजबूती से रखा जाएगा, जहाँ सोमवार को इस मामले की सुनवाई होनी है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के कुछ हिस्सों पर गिरिबाला सिंह के बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप भी लगाया।
दहेज की मांग का आरोप गलत – बचाव पक्ष के अधिवक्ता
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने मृतका के परिवार द्वारा लगाए गए 20 लाख रुपये की दहेज मांग के आरोपों को विरोधाभासी करार दिया और दावा किया कि 33 वर्षीय पूर्व मॉडल और अभिनेत्री द्विशा शर्मा ने आत्महत्या की थी, हालांकि उन्होंने इसके पीछे के कारणों पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। रिश्तों को लेकर एक नया दावा करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि शादी के बाद समर्थ और द्विशा के संबंध पूरी तरह सामान्य थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि द्विशा शर्मा गर्भवती थीं, लेकिन वह बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती थीं, जबकि उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह चाहते थे कि यह गर्भ जारी रहे। इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों ने कभी भी मामले की सीबीआई जांच कराने या मृतका का दूसरा पोस्टमार्टम कराए जाने का विरोध नहीं किया है।
अग्रिम जमानत के मामले में कल होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
दूसरी ओर मृतका द्विशा शर्मा के पिता नवनीधि शर्मा और राज्य सरकार ने आरोपी गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द कराने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को ही सुनवाई होनी है। इस संबंध में बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि गिरिबाला सिंह ने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और वे लगातार पुलिस जांच में शामिल हो रही हैं, इसलिए जमानत रद्द करने का कोई आधार नहीं है।
भदभदा विश्राम घाट में किया गया ट्विशा का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की कार्रवाई समय पर पूरी होने के बाद ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में शाम करीब 6 बजे किया गया. अंतिम संस्कार का फैसला द्विशा के परिजनों ने लिया है. परिवार का कहना है कि सभी मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में द्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा और आशीष शर्मा भी मौजूद थे.
भाई ने निभाई अंतिम रस्में, अग्नि दी
ट्विशा शर्मा को उसके भाई हर्षित और आशीष शर्मा ने उसके अंतिम संस्कार की रस्मों को निभाया। भारी गमगीन माहौल और निढाल, टपकते आंसुओं से भाई ने ट्विशा को अंतिम विदाई की मुक्तिधाम में रस्में निभाई और पार्थिव देह को अग्नि के समर्पित किया।
ट्विशा शर्मा के अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान मां बार-बार बेसुध नजर आ रहीं थी। वे मुक्तिधाम में परिसर में बदहवास सी नजर आ रहीं थी। परिवार की महिलाएं और बेटी उन्हें संभाल रहीं थी। बेटी ट्विशा को जैसे ही अंग्नि के हवाले किया गया। मां ने आंखे खोली बिलखते हुए उन्होंने लाड़ली बेटी को हाथ जोड़कर अंतिम सफर पर विदा किया।
अंतिम संस्कार पति और सास को न्योता नहीं
आरोपी समर्थ सिंह और उनके परिवार वाले के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले सवाल पर आशीष शर्मा ने कहा कि “यह कोई न्योते (Invitation) वाला काम नहीं है. जो आना चाहे अंतिम संस्कार में आ सकता है. परिवार को अंतिम संस्कार में किसी के भी शामिल होने पर आपत्ति नहीं है.” बताया गया कि ट्विशा की अस्थियों का विसर्जन ऋषिकेश में होगा. वह ऋषिकेश अपने पिता के साथ हमेशा जाया करती थी. परिजन चाहते हैं कि मृतका की सबसे पसंदीदा जगह में से एक ऋषिकेश में उसकी अस्थियों का विसर्जन किया जाए.
क्या था पूरा मामला
यह पूरा मामला 12 मई का है, जब पूर्व मॉडल और अभिनेत्री द्विशा शर्मा भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गई थीं। घटना के बाद मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को मृतका के पति समर्थ सिंह को जबलपुर से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद भोपाल की एक अदालत ने उन्हें सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहाँ उनसे पूछताछ की जा रही है।
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