
रतलाम: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस ने बुधवार को बिलपांक थाना क्षेत्र की सातरुंडा पुलिस चौकी में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने वाले सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन डीएसपी ट्रैफिक आनंद स्वरूप सोनी ने किया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
डीएसपी आनंद सोनी ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित वाहन संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान लोगों को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें प्रधानमंत्री राहत कैशलेस उपचार योजना, हिट एंड रन प्रतिकर योजना तथा राहवीर योजना प्रमुख रहीं। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
प्रश्नोत्तरी में हेलमेट जीतने का मौका
यातायात नियमों को रोचक तरीके से समझाने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों से हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वाले नागरिकों को हेलमेट भेंट कर सम्मानित किया गया और उन्हें हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया गया।
सीपीआर प्रशिक्षण से सिखाए जीवन बचाने के गुर
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सीपीआर प्रशिक्षण रहा। मेडिकल ऑफिसर डॉ. योगेश पाटीदार ने नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सीपीआर की तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हृदयाघात, सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर आपात स्थितियों में समय पर दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डीएसपी आनंद सोनी ने कहा कि हर नागरिक को सीपीआर की बुनियादी जानकारी होना आवश्यक है ताकि आवश्यकता पड़ने पर वह किसी जरूरतमंद की मदद कर सके।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लगाए गए चेतावनी बोर्ड
सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस द्वारा क्षेत्र के दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर आपातकालीन सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर नागरिक तुरंत मदद प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी बिलपांक निरीक्षक अय्यूब खान, चौकी प्रभारी सातरुंडा लोकेन्द्र सिंह डावर, पुलिस स्टाफ तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। रतलाम पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
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