
शामली: जनपद शामली में कथित धर्मांतरण से जुड़े एक मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक की शिकायत पर पुलिस ने धर्मांतरण, धोखाधड़ी, धमकी और साजिश से जुड़े आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पुलिस ने आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों और कथित तौर पर जुड़े मौलानाओं की तलाश जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
प्रेम संबंध से शुरू हुआ विवाद, धर्मांतरण के आरोप तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार देवराज मलिक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके इकलौते बेटे आयुष मलिक को योजनाबद्ध तरीके से प्रेमजाल में फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। शिकायत में कहा गया है कि मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी चांदनी कुरैशी, उसके परिवार के सदस्य और कुछ मौलानाओं ने मिलकर आयुष पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया तथा कथित रूप से उसका निकाह भी कराया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद आरोपी पक्ष लगातार आयुष और उसके परिवार पर दबाव बना रहा था तथा उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा से आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहा था। विरोध करने पर पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पांच वर्षों से चल रही थी पूरी प्रक्रिया
पुलिस जांच में सामने आया है कि आयुष मलिक अपने पिता के मेडिकल स्टोर पर बैठता था। वहीं उसकी पहचान चांदनी कुरैशी और उसके परिवार से हुई। पुलिस के अनुसार दुकान पर काम करने वाले कुछ लोग भी उसी परिवार से जुड़े थे, जिससे आयुष का लगातार संपर्क बढ़ा। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि आयुष को इस्लामिक धार्मिक सामग्री देखने और सुनने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस का दावा है कि उसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी ले जाया गया, जिससे उसके विचारों में बदलाव लाने का प्रयास किया गया।
पाकिस्तान के धार्मिक प्रचारक का नाम आया सामने
पूरे मामले में कथित पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में जानकारी मिली है कि आयुष को पाकिस्तान के इस्लामिक विद्वान डॉ. इसरार अहमद के वीडियो और भाषण सुनने के लिए प्रेरित किया गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल वैचारिक प्रभाव तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
दिल्ली और मुंबई के मौलानाओं की तलाश
पुलिस के मुताबिक मामले में कुछ मौलानाओं के नाम सामने आए हैं, जो दिल्ली और मुंबई से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने कथित धर्मांतरण प्रक्रिया में भूमिका निभाई। SIT इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार, कई फरार
मामले में अब तक चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं चांदनी के भाई-बहन समेत अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
एसपी बोले- हर एंगल से हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। धर्मांतरण, संपत्ति विवाद, आर्थिक लाभ और संभावित नेटवर्क सहित सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। SIT यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
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