
सागर: जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टरेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में कई विभागों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि दो अधिकारियों का वेतन आगामी आदेश तक रोकने की कार्रवाई भी की गई।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा में लगातार निर्देशों के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और समय-सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने पर सिविल सर्जन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसी तरह कर्रापुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा लंबित प्रकरणों का निराकरण नहीं किए जाने और कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर उनका वेतन भी अगले आदेश तक रोक दिया गया।
राजस्व विभाग के मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पाया कि नामांतरण और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण प्रकरण लंबे समय से लंबित पड़े हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन राजस्व अधिकारियों के पास तीन से छह माह पुराने नामांतरण प्रकरण लंबित हैं, उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। सीमांकन के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को फील्ड सत्यापन शीघ्र पूरा कर 20 जून तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
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बैठक में संबल 2.0 योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सभी लंबित पंजीयन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक में यदि लंबित मामले पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा सामान्य मृत्यु पर मिलने वाली 2 लाख रुपये और दुर्घटना मृत्यु पर मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि के लंबित मामलों का सात दिन के भीतर निपटारा करने के निर्देश दिए गए। श्रमयोगी मानधन योजना के तहत लक्ष्य आधारित कार्य करने, जल गंगा संवर्धन अभियान के अपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सीएम हेल्पलाइन की 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शत-प्रतिशत संतुष्टिपूर्ण निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जनसुनवाई, सीएम मॉनिटरिंग और विभिन्न आयोगों से प्राप्त लंबित पत्रों के प्रतिवेदन भी तत्काल तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन सहित सभी एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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