
सागर: जिले में पुलिस कंट्रोल रूम और डायल-112 की त्वरित कार्रवाई ने एक व्यक्ति की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। रहली थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में अवसादग्रस्त एक 39 वर्षीय व्यक्ति द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर उसे फांसी के फंदे से उतारा और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, ग्राम चौकीदार और ग्रामीणों की सजगता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
पुलिस के अनुसार घटना 9 जुलाई 2026 की शाम लगभग 4:15 बजे की है। राज्य स्तरीय डायल-112 कंट्रोल रूम भोपाल को सूचना मिली कि रहली थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में रहने वाला 39 वर्षीय व्यक्ति मानसिक तनाव और अवसाद के चलते आत्महत्या करने जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल यह संदेश सागर जिला पुलिस कंट्रोल रूम को भेजा गया, जहां से बिना समय गंवाए डायल-112 एफआरवी टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
घटनास्थल ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण पुलिस टीम ने रास्ते में ही सूझबूझ का परिचय दिया। एफआरवी स्टाफ ने ग्राम चौकीदार से संपर्क कर उसे साथ लिया और सीधे बताए गए स्थान पर पहुंच गया। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि व्यक्ति फांसी के फंदे पर लटका हुआ था और उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
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एफआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों ने ग्राम चौकीदार और स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से तत्काल व्यक्ति को फंदे से नीचे उतारा। स्थिति गंभीर होने के कारण एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना पुलिस टीम ने घायल को अपनी सरकारी वाहन में लिटाकर तत्काल शासकीय अस्पताल रहली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार यदि घायल को अस्पताल पहुंचाने में कुछ और देर हो जाती तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो सकता था। फिलहाल व्यक्ति का अस्पताल में उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस रेस्क्यू अभियान में डायल-112 एफआरवी में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 1724 गजेंद्र सिंह एवं पायलट सोहन रैकवार की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। दोनों ने त्वरित निर्णय लेते हुए बिना किसी देरी के घायल को अस्पताल पहुंचाया, जिससे समय रहते उपचार मिल सका। पूरे घटनाक्रम में सागर पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा सूचना का त्वरित आदान-प्रदान, डायल-112 टीम की सक्रियता, ग्राम चौकीदार और ग्रामीणों का सहयोग तथा पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली ने एक अमूल्य मानव जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मानवीय पहल की स्थानीय नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी सराहना की जा रही है।
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