
रीवा/ अरविंद तिवारी: लोकायुक्त पुलिस ने PWD के प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सतना की टेस्टिंग लैब को काम जारी रखने और सैंपलिंग का काम दिलाने के एवज में इंजीनियर ने लैब मैनेजर से हर महीने ₹1 लाख की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
मामला PWD के निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने वाली सतना की टेस्टिंग लैब से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य ने लैब का टेस्टिंग काम रोक दिया था। इसके बाद काम दोबारा शुरू कराने के लिए कथित तौर पर ₹1 लाख प्रतिमाह की मांग की गई।
रिश्वत की मांग से परेशान लैब मैनेजर ने रीवा लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।
घर पहुंचते ही लोकायुक्त टीम ने दबोचा
योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ₹50 हजार की रिश्वत की रकम लेकर इंजीनियर के घर पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रकम ली, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर प्रभारी चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लक्ष्य को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान उनके सहयोगी धर्मवीर भारती को भी रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिश्वत के खेल की अवधि और अन्य लोगों की भूमिका की जांच
लोकायुक्त पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर रिश्वत की मांग कब से की जा रही थी और इस पूरे मामले में अन्य कौन कौन लोग शामिल हैं।
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