
कर्नाटक में चुनावों की निष्पक्षता को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। एक सर्वे/रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 91% लोगों को चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा है। यह आंकड़ा ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनावों में वोट चोरी के आरोप लगाए थे और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग व प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर नागरिकों का मानना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद है। लोगों ने मतदान, मतगणना और सुरक्षा इंतजामों को लेकर संतोष जताया है। इससे यह संकेत मिलता है कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं का विश्वास अब भी बना हुआ है।
इस दावे पर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब नागरिकों को चुनावों पर भरोसा है, तो कांग्रेस को ही शक क्यों है। पार्टी का आरोप है कि हार की आशंका होने पर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी रणनीति रही है।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है और चुनावी सुधारों पर बहस जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह मुद्दा आने वाले चुनावों में विश्वास बनाम संदेह की राजनीति को और तेज कर सकता है।









