
प्रदेश की नौकरशाही में “डोजियर साहब” के नाम से चर्चित एक वरिष्ठ IAS अधिकारी इन दिनों संभावित दिल्ली पोस्टिंग को लेकर सुर्खियों में हैं। पावर कॉरिडोर में यह चर्चा तेज है कि वे जल्द ही केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रदेश से विदा ले सकते हैं। वर्तमान में वे राज्य स्तर पर नीति निर्माण से जुड़ी भूमिका में कार्यरत हैं, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि उनकी अगली तैनाती राष्ट्रीय राजधानी में हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस अधिकारी का करियर अनुभव बेहद व्यापक माना जाता है। करीब तीन दशकों से अधिक सेवा में उन्होंने फील्ड प्रशासन से लेकर सचिवालय स्तर तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनकी कार्यशैली को परिणामोन्मुख और दस्तावेजी तैयारी में दक्ष माना जाता है, इसी वजह से उन्हें अनौपचारिक रूप से “डोजियर” छवि वाला अधिकारी कहा जाता है। केंद्र में नीति निर्माण और कार्यक्रम क्रियान्वयन के लिए ऐसे अनुभव को अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार उन अधिकारियों को प्राथमिकता दे रही है, जिनके पास फील्ड और पॉलिसी—दोनों स्तरों की समझ हो। ऐसे में संबंधित IAS अधिकारी का प्रोफाइल इस आवश्यकता से मेल खाता है। यह भी माना जा रहा है कि उन्हें केंद्र में सामाजिक या विकास क्षेत्र से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विभाग में जिम्मेदारी मिल सकती है, जहां राज्यों के अनुभव का सीधा लाभ नीति स्तर पर लिया जा सके।
हालांकि आधिकारिक आदेश अभी सामने नहीं आया है, लेकिन नौकरशाही के जानकार इसे लगभग तय मान रहे हैं कि “डोजियर साहब” का अगला पड़ाव दिल्ली ही होगा। प्रदेश में उनकी पहचान एक प्रभावशाली और रणनीतिक सोच वाले अधिकारी की रही है, और केंद्र में संभावित भूमिका को उनके करियर का स्वाभाविक विस्तार माना जा रहा है। उनके दिल्ली गमन की अटकलों ने प्रदेश और केंद्र—दोनों स्तरों पर प्रशासनिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।







