
येरेवान/नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच अर्मेनिया में हुए महत्वपूर्ण संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान की पार्टी ‘सिविक कॉन्ट्रैक्ट’ ने एकतरफा और शानदार जीत हासिल की है। इस बड़ी भू-राजनीतिक (Geopolitical) सफलता पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित यूरोपीय संघ और कई पश्चिमी देशों ने पीएम निकोल पाशिन्यान को बधाई दी है। अर्मेनिया में संसदीय चुनाव के लिए 7 जून को मतदान हुआ था।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर दी बधाई; ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अर्मेनियाई प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “संसदीय चुनाव में सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी की शानदार जीत पर निकोल पाशिन्यान को हार्दिक बधाई। यह नया जनादेश अर्मेनिया की जनता के आपके नेतृत्व और विजन पर अटूट विश्वास को दर्शाता है। मैं भारत और अर्मेनिया के बीच गहरे, ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को सहयोग के नए स्तर पर ले जाने और आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
रूसी प्रतिबंधों और पुतिन की चेतावनी को किया दरकिनार
अर्मेनिया का यह चुनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद चर्चा में रहा, क्योंकि यह सीधे तौर पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक रस्साकशी का केंद्र बन गया था। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अर्मेनिया को चेतावनी देते हुए उन आर्थिक नुकसानों की याद दिलाई थी, जो उसे पश्चिमी देशों (यूरोपीय संघ) से नजदीकियां बढ़ाने पर भुगतने पड़ सकते हैं। पुतिन ने यूक्रेन संकट का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां भी विवाद यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिशों के बाद ही शुरू हुआ था।
रूस वर्तमान में अर्मेनिया को बेहद रियायती दर पर यानी 177.50 डॉलर प्रति 1,000 क्यूबिक मीटर पर गैस की आपूर्ति करता है, जबकि यूरोपीय बाजार में इसकी कीमत 600 डॉलर से भी अधिक है। यही नहीं, चुनाव को प्रभावित करने के लिए रूस ने मतदान से ठीक दो हफ्ते पहले अर्मेनिया से होने वाले फूलों, मिनरल वॉटर, कॉन्यैक (शराब), ताजी सब्जियों और फलों के निर्यात (Export) पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद, अर्मेनियाई जनता ने रूस समर्थक गुटों को नकार कर पाशिन्यान के पक्ष में मतदान किया।
चुनावी आंकड़े: करीब 50% वोटों के साथ सिविक कॉन्ट्रैक्ट सबसे आगे
अर्मेनियाई चुनाव आयोग द्वारा जारी शुरुआती और आधिकारिक नतीजों के अनुसार, राजनीतिक समीकरण इस प्रकार रहे:
सिविक कॉन्ट्रैक्ट (निकोल पाशिन्यान): 49.81 प्रतिशत वोटों के साथ सबसे आगे और सरकार बनाने की स्थिति में।
स्ट्रॉन्ग अर्मेनिया अलायंस (सैमवेल करापेत्यान – रूसी-अर्मेनियाई अरबपति): 23.29 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे स्थान पर।
अर्मेनिया अलायंस (रॉबर्ट कोचरियन – पूर्व राष्ट्रपति): 9.94 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर।
प्रॉस्पेरस अर्मेनिया पार्टी: करीब 4 फीसदी वोट हासिल कर चुनावी सीमा पार करने में सफल रही।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस ऐतिहासिक चुनाव में कुल 59.97 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सोमवार सुबह एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान ने अपनी पार्टी की जीत की घोषणा की और जनमत का आभार जताते हुए इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास की एक “ऐतिहासिक जीत” करार दिया।
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