
रतलाम: जिले के बड़ावदा थाना ने आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ISO (आईएसओ) प्रमाणन प्राप्त किया है। पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में जिले के सभी थानों और पुलिस कार्यालयों को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के तहत बड़ावदा थाना को यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। 2 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में रतलाम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार की उपस्थिति में थाना प्रभारी वैभव प्रिय (प्रशिक्षु आईपीएस) को ISO प्रमाण पत्र सौंपा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि के लिए थाना प्रभारी और संपूर्ण थाना स्टाफ की सराहना की।
थाना प्रभारी वैभव प्रिय ने बताया कि ISO प्रमाणन केवल एक औपचारिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पुलिस विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की मान्यता है। उन्होंने कहा कि पुलिस थाना केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का केंद्र नहीं होता, बल्कि आम जनता के विश्वास का भी प्रमुख आधार होता है। इसी सोच के साथ बड़ावदा थाने में कई सुधारात्मक और नवाचारात्मक पहलें की गईं, जिनके परिणामस्वरूप यह प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
थाने में रिकॉर्ड प्रबंधन को पूरी तरह व्यवस्थित करने के लिए वर्षों पुराने अभिलेखों का वैज्ञानिक वर्गीकरण किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस विनियमों और निर्धारित नियमों के अनुरूप अनुपयोगी अभिलेखों का विधिवत निस्तारण किया गया, जिससे रिकॉर्ड रूम को अधिक व्यवस्थित और उपयोगी बनाया जा सका। इस व्यवस्था से आवश्यक दस्तावेजों तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित हुई है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है।
जब्त संपत्तियों के बेहतर संरक्षण और प्रबंधन के लिए मालखाने का पुनर्गठन किया गया है। प्रत्येक जब्त सामग्री को QR कोड से टैग कर डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की गई है। इस तकनीक के माध्यम से किसी भी जब्त वस्तु की स्थिति, स्थान और उसकी आवाजाही की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है। इसी प्रकार न्यायालयीन आदेशों के तहत थाना परिसर में रखे गए वाहनों के प्रबंधन के लिए QR आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिससे वाहनों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हो गया है।
आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए थाना परिसर में शीतल पेयजल के लिए वाटर कूलर स्थापित किया गया है तथा नागरिकों और कर्मचारियों के लिए व्यवस्थित वाहन पार्किंग की सुविधा विकसित की गई है। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उर्जा महिला हेल्प डेस्क का पुनरोद्धार किया गया है, जिससे महिला पीड़िताओं को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और सम्मानजनक वातावरण में सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और जनता की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से QR कोड आधारित सिटीजन फीडबैक सिस्टम भी शुरू किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से कोई भी नागरिक अपने मोबाइल फोन से तत्काल फीडबैक दर्ज कर सकता है। प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं का उपयोग पुलिस सेवाओं के मूल्यांकन और निरंतर सुधार के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा पुलिस कर्मियों के शारीरिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए थाना परिसर में आधुनिक वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण कराया गया है। इस सुविधा का लाभ पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय युवा और नागरिक भी उठा सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से पुलिस और समाज के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास को और अधिक मजबूती मिलेगी।
थाना प्रभारी वैभव प्रिय ने इस उपलब्धि का श्रेय थाना स्टाफ, वरिष्ठ अधिकारियों और आमजन के सहयोग को देते हुए कहा कि आधुनिक, पारदर्शी और विश्वास आधारित पुलिसिंग का लक्ष्य केवल पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर सीएसपी जावरा युवराज सिंह चौहान, एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय, रक्षित निरीक्षक मोहन भार्रावत सहित जिले के विभिन्न थानों एवं चौकियों के प्रभारी तथा पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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