
बुरहानपुर के प्रसिद्ध केले को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग मिलने के साथ ही जिले को कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इस मान्यता के बाद बुरहानपुर का केला अब अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, स्वाद और क्षेत्रीय पहचान के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाएगा। इससे जिले के हजारों केला उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जीआई टैग किसी उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक पहचान और गुणवत्ता का प्रमाण होता है। इसके मिलने से संबंधित उत्पाद की बाजार में विश्वसनीयता बढ़ती है और उसे बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलती है। बुरहानपुर का केला लंबे समय से अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए जाना जाता रहा है, ऐसे में यह मान्यता किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
बुरहानपुर जिला पहले से ही ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत केले के उत्पादन के लिए पहचान रखता है। अब जीआई टैग मिलने के बाद जिले के किसानों को नए बाजारों तक पहुंचने और अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और केला उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।
विधायक अर्चना चिटनिस ने इस उपलब्धि को किसानों की मेहनत और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से बुरहानपुर की पहचान और मजबूत होगी तथा किसानों को उनके उत्पाद की उचित कीमत मिलने में मदद मिलेगी।
बुरहानपुर के केले को मिली यह नई पहचान जिले के कृषि विकास, किसानों की समृद्धि और स्थानीय उत्पादों के वैश्विक प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








