
सार
राजू सिंह राठौड़ |बुरहानपुर में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के प्रेम की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। उमेश जंगाले के बेटे भव्य जंगाले ने अपनी महज 3 वर्षीय बहन मानवी के भविष्य और पढ़ाई के लिए अपनी पॉकेट मनी से करीब दो साल तक बचत की और ₹51 हजार जुटाए। रक्षाबंधन पर भव्य ने यह राशि बहन को उपहार में दी, जिसे उसके नाम फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने की तैयारी है।
विस्तार
बुरहानपुर। रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहनों को आमतौर पर कपड़े, खिलौने, मिठाई या अन्य उपहार देते हैं, लेकिन बुरहानपुर में एक भाई ने अपनी बहन को ऐसा तोहफा दिया है, जो उसके भविष्य के लिए लंबे समय तक काम आ सकता है
उमेश जंगाले के सुपुत्र भव्य जंगाले ने अपनी महज तीन वर्षीय बहन मानवी जंगाले की पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपनी पॉकेट मनी से करीब दो वर्षों तक बचत की। छोटी-छोटी जरूरतों और इच्छाओं को सीमित करते हुए भव्य ने धीरे-धीरे 51 हजार रुपये जमा किए।
रक्षाबंधन के अवसर पर भव्य ने अपनी यह पूरी बचत बहन मानवी को उपहार के रूप में दी। परिवार की ओर से इस राशि को मानवी के नाम FD कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में उसकी शिक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए यह रकम उपयोगी साबित हो सके।
भव्य की इस पहल की खास बात यह है कि उसने महंगे या कुछ समय तक इस्तेमाल होने वाले उपहार के बजाय अपनी बहन के भविष्य को प्राथमिकता दी। दो वर्षों तक अपनी पॉकेट मनी से बचत करना और फिर उस रकम को बहन की शिक्षा के लिए समर्पित करना भाई-बहन के रिश्ते में जिम्मेदारी की एक अलग मिसाल पेश करता है।
भव्य के पिता उमेश जंगाले ने बताया कि यह उपहार केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता देने का संदेश भी देता है। उनका मानना है कि यदि परिवार बचपन से ही बेटियों की शिक्षा, संस्कार और भविष्य को लेकर गंभीर रहें, तो बेटियां आगे चलकर परिवार के साथ-साथ समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
रक्षाबंधन के मौके पर मिली यह राशि भले ही आज केवल एक उपहार है, लेकिन आने वाले वर्षों में यही बचत मानवी की पढ़ाई के लिए मजबूत आर्थिक सहारा बन सकती है। परिवार की योजना है कि रकम को सुरक्षित निवेश के रूप में रखा जाए, जिससे भविष्य में इसका लाभ बहन को मिल सके।
भव्य की इस पहल ने रक्षाबंधन के पारंपरिक उपहार की सोच को भी एक नया अर्थ दिया है। भाई का प्यार केवल तत्काल खुशी देने वाले उपहार तक सीमित न रहकर बहन के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी से भी जुड़ सकता है।
इस पहल से समाज के लिए भी एक संदेश सामने आता है कि बेटियों को केवल प्यार और उपहार देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए भी परिवार को शुरुआत से प्रयास करना चाहिए।
राखी के इस पवित्र पर्व पर भव्य ने अपनी बहन को जो उपहार दिया, उसकी खासियत उसकी कीमत से ज्यादा उसके पीछे छिपी सोच है। दो साल की बचत से जुटाए गए 51 हजार रुपये बहन मानवी के लिए आने वाले समय में शिक्षा और सपनों की दिशा में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत बन सकते हैं।
बुरहानपुर के भव्य जंगाले ने रक्षाबंधन पर अपनी तीन वर्षीय बहन मानवी को ₹51 हजार की बचत उपहार में देकर भाई-बहन के प्रेम के साथ जिम्मेदारी की भी मिसाल पेश की है। बहन के नाम FD कराने की तैयारी के साथ यह पहल बेटियों की शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देने का प्रेरक संदेश देती है।
ये भी पढ़े – कैलाश-मानसरोवर यात्रियों पर संकट, नेपाल बाढ़ में सैकड़ों भारतीयों से संपर्क टूटा; भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री
- burhanpur-brother-saves-pocket-money-gives-51-thousand-raksha-bandhan







