
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के री-इवैल्यूएशन और अंकों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। बोर्ड ने 2 जून से 7 जून तक आवेदन पोर्टल खुला रखा था, लेकिन अंतिम समय में सामने आई तकनीकी समस्याओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई छात्रों का दावा है कि वे आवेदन की अंतिम अवधि में पोर्टल पर लॉग इन नहीं कर सके, जिसके कारण उनका आवेदन अधूरा रह गया।
छात्रों ने बताई तकनीकी समस्याएं
सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने आरोप लगाया कि अंतिम दिन रात के समय पोर्टल पर लॉग इन करने में परेशानी हुई। कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि आवेदन फॉर्म भरने और शुल्क जमा करने के बाद भी सिस्टम से लॉग आउट कर दिया गया, जिससे उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। छात्रों के अनुसार दोबारा लॉग इन करने की कोशिश में भी तकनीकी बाधाएं सामने आईं, जिसके कारण वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा नहीं कर पाए।
अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग
तकनीकी समस्याओं से प्रभावित छात्रों ने सीबीएसई से आवेदन की अंतिम तिथि एक या दो दिन बढ़ाने की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि जिन छात्रों का आवेदन तकनीकी कारणों से अधूरा रह गया, उन्हें एक और अवसर मिलना चाहिए। सोशल मीडिया मंचों पर भी कई छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड से राहत देने की अपील की है।
बोर्ड ने जारी किए आवेदन के आंकड़े
सीबीएसई द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार आवेदन अवधि के दौरान 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित अनुरोध सफलतापूर्वक दर्ज किए। बोर्ड का कहना है कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने परिणाम के बाद उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया है।
आंकड़ों को लेकर भी उठे सवाल
हालांकि बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल आवेदनों में कितने री-इवैल्यूएशन के लिए थे और कितने केवल अंकों के सत्यापन के लिए। इसके अलावा कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या तकनीकी समस्याओं और लॉगिन संबंधी दिक्कतों का असर कुल आवेदन संख्या पर पड़ा है।
पुराने और नए आंकड़ों में अंतर पर चर्चा
छात्रों ने सीबीएसई की 26 मई की एक जानकारी का भी हवाला दिया है, जिसमें स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने के लिए 4 लाख से अधिक आवेदन मिलने की बात कही गई थी। वहीं ताजा आंकड़ों में 3.8 लाख उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़े अनुरोधों का उल्लेख किया गया है। इस अंतर को लेकर छात्र बोर्ड से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं और जानना चाहते हैं कि सभी पात्र आवेदकों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराई गई थीं या नहीं।
री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद तकनीकी समस्याओं और आवेदन आंकड़ों को लेकर छात्रों की चिंताएं सामने आई हैं। अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर सीबीएसई की ओर है, जिससे उन्हें इन सवालों पर स्पष्ट जवाब और संभावित राहत की उम्मीद है।
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