
छतरपुर| गौरिहार में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह समारोह से पहले खास तैयारियां देखने को मिलीं। गौरिहार सामूहिक विवाह समारोह के तहत मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में इस बार पारंपरिक रस्मों को भी शामिल किया गया। जनपद पंचायत क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में हल्दी और मेंहदी की रस्मों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
हल्दी-मेंहदी से बढ़ा उत्साह
सामूहिक विवाह से पहले आयोजित हल्दी और मेंहदी की रस्मों ने कार्यक्रम में अलग ही रंग भर दिया। जनपद सीईओ के प्रयास से इन पारंपरिक रस्मों को विशेष रूप से शामिल किया गया, जिससे दुल्हन बनने जा रही युवतियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर गीत-संगीत और पारंपरिक माहौल के बीच युवतियों ने इन रस्मों में हिस्सा लिया। उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आ रहा था। इस पहल से न केवल कार्यक्रम यादगार बना, बल्कि पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा मिला।
स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना की और इसे एक सकारात्मक पहल बताया। उनका कहना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज में खुशी और एकता का संदेश देते हैं।
योजना से मिल रही सामाजिक गरिमा
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से कराया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सहायता देना और बेटियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। प्रशासन द्वारा इस आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। विवाह स्थल पर भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।
इस योजना के तहत हर वर्ष हजारों बेटियों का विवाह कराया जाता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती है।
गौरिहार में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और परंपरा का संगम है। हल्दी-मेंहदी जैसी रस्मों ने इसे और खास बना दिया है, जिससे यह आयोजन लंबे समय तक यादगार रहेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: अमित कुमार
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