CM मोहन यादव की किसानों को सौगात. फसलों पर बोनस और प्रोत्साहन राशि

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी है.. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है।

40 रु/ क्विंटल गेहूं पर मिलेगा बोनस

सीएम ने कहा कि इस साल प्रदेश में गेहूं खरीदी पर किसानों को ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इसके साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान पंजीयन कर सकें।

उड़द पर 600 रु/ क्विंटल बोनस

मुख्यमंत्री ने उड़द की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उड़द खरीदी पर किसानों को ₹600 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि किसान उड़द की खेती बढ़ाएं, ताकि उन्हें बोनस का लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी बेहतर तरीके से हो सके।

डॉ. यादव ने यह भी कहा कि किसानों की सुविधा के लिए सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं के जोखिम से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार निर्णय ले रही है और आगे भी किसान हित में कदम उठाए जाते रहेंगे।

PM किसान सम्मान निधि से सालाना 12 हजार की सहायता

केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपए देती है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भी 6 हजार रुपए दिए जाते हैं। इस तरह पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपए सालाना सीधे खाते में मिलते हैं।

MSP पर खरीदी: कई फसलों के तय हैं समर्थन मूल्य

सरकार किसानों की फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करती है। वर्तमान में गेहूं का एमएसपी करीब 2585 रुपए प्रति क्विंटल, धान (सामान्य) 2369 रुपए, सोयाबीन 5328 रुपए, उड़द 7400 रुपए, मूंग 8558 रुपए, अरहर 8000 रुपए, चना 5875 रुपए, मसूर 7000 रुपए और सरसों 6200 रुपए प्रति क्विंटल है। प्रदेश में मुख्य रूप से गेहूं, धान, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी की जाती है।

गेहूं और उड़द पर बोनस की घोषणा

एमएसपी के अलावा राज्य सरकार कई बार फसलों पर बोनस भी देती है। अब सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस और उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है।

भावांतर भुगतान योजना से कीमत का अंतर भरपाई

इसके अलावा भावांतर भुगतान योजना भी लागू है। इस योजना के तहत यदि किसान की फसल मंडी में एमएसपी से कम कीमत पर बिकती है तो सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में जमा करती है। यह योजना मुख्य रूप से सोयाबीन और कुछ तिलहन फसलों पर लागू की जाती रही है।

सब्सिडी, बीमा और सस्ते ऋण की सुविधा

इसके अलावा किसानों को खाद पर सब्सिडी, कृषि उपकरणों पर अनुदान, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर सब्सिडी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान पर मुआवजा और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कम ब्याज पर ऋण जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

गेहूं बोनस पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

एमपी सरकार के ऐलान पर कांग्रेस के किसान नेता केदार सिरोही ने फेसबुक पर लिखा- भारतीय किसान संघ और सरकार के बीच गेहूं के लिए 40 रुपए प्रति क्विंटल के बोनस पर समझौता एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या यह संघ वास्तव में किसानों के हितों की बात कर रहा है? या सरकार की एजेंसी बनकर काम कर रहा हैं?

अब किसानों को तय करना होगा कि वे अपनी मांग पर अड़े रहना चाहते हैं या नहीं, और यदि हां, तो उन्हें अपनी एकता दिखानी होगी। क्योंकि किसान संघ के नेता महेश चौधरी भाजपा सरकार से कोम्प्रोमाइज हैं, इनके कृषि मेले और कई काम सरकार के सहारे हो रहे हैं, इसलिए यह सरकार की भाषा बोलेंगे।


  • MOHAN-KISAN-1024-1
  • Related Posts

    बुरहानपुर: NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, मॉल की बड़ी स्क्रीन पर दिखाया राहुल गांधी का आंदोलन

    बुरहानपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस…

    आगे पढ़ें
    सीहोर में मानसून मेहरबान: आष्टा में 2 इंच से ज्यादा बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया 48 घंटे का अलर्ट

    सीहोर जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज होगी रोमांचक भिड़ंत

    ब्राजील ने जापान को 11 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज होगी रोमांचक भिड़ंत

    भारतीय अर्थव्यवस्था और गिरता रुपया: क्यों बढ़ रहा है करेंसी पर दबाव और क्या है इस पर प्रधानमंत्री का रुख?

    भारतीय अर्थव्यवस्था और गिरता रुपया: क्यों बढ़ रहा है करेंसी पर दबाव और क्या है इस पर प्रधानमंत्री का रुख?

    आपातकाल के 50 वर्ष, सरकार, मीडिया और जनता के बीच के बदलते समीकरण पर विशेष विश्लेषण

    आपातकाल के 50 वर्ष, सरकार, मीडिया और जनता के बीच के बदलते समीकरण पर विशेष विश्लेषण

    वल्लभ भवन की ‘फाइलें’ और ‘डील’, क्या मध्य प्रदेश में स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बंद हैं मंत्रालय के दरवाजे?

    वल्लभ भवन की ‘फाइलें’ और ‘डील’, क्या मध्य प्रदेश में स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बंद हैं मंत्रालय के दरवाजे?

    पाकिस्तानी बहू से भारत की जासूस बनने तक की कहानी, कैसे बचा INS विक्रांत? जानिए पूरी दास्तान

    पाकिस्तानी बहू से भारत की जासूस बनने तक की कहानी, कैसे बचा INS विक्रांत? जानिए पूरी दास्तान