
सेवढ़ा/संतोष चंसौलिया की रिपोर्ट: सिंध नदी पर बने नवीन पुल पर इन दिनों आवारा गोवंश का जमावड़ा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। पुल पर गोवंश के बैठे रहने और अचानक सड़क पर आ जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
नवीन पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं। सड़क और पुल पर बैठे गोवंश अचानक वाहन चालकों के सामने आ जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने की स्थिति बनती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लरात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे पशु दूर से दिखाई नहीं देते।
हादसे के बाद भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी नवीन पुल पर एक हादसा भी हो चुका है। हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन और संबंधित विभाग पुल पर मौजूद गोवंश को हटाने तथा उनकी आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। हादसे के बाद भी पुल पर लगातार गोवंश का जमावड़ा बने रहने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।
नागरिकों ने की कार्रवाई की मांग
राहगीरों और वाहन चालकों का कहना है कि पुल जैसे संवेदनशील मार्ग पर आवारा पशुओं की मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से पुल पर नियमित निगरानी, गोवंश को हटाने के लिए अभियान चलाने और भविष्य में उनकी आवाजाही रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से प्रभावी इंतजाम करने चाहिए, ताकि वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ये भी पढ़े – सेवढ़ा के मंगरोल में जल निकासी बाधित, घरों में भर रहा बारिश का पानी; स्कूली बच्चे और ग्रामीण परेशान
- datia-sewada-new-bridge-stray-cattle-danger-after-accident-administration-action-demand








