मैहर/ देवेश शर्मा: प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन द्वारा पटाखा फैक्ट्रियों, विस्फोटक भंडारण मैगजीनों और अमोनियम नाइट्रेट स्टोर हाउसों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त जांच दल लाइसेंस, सुरक्षा मानकों, भंडारण व्यवस्था और अग्निशमन इंतजामों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। लेकिन मैहर जिले में अब तक इस तरह की किसी बड़ी कार्रवाई या जांच अभियान की जानकारी सामने नहीं आई है।
भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका
मैहर जिले में कई स्थानों पर खदानों और औद्योगिक कार्यों में उपयोग होने वाले विस्फोटक पदार्थ, पटाखा सामग्री और अमोनियम नाइट्रेट का भंडारण किया जाता है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सन्नाटा बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नियमित निरीक्षण आखिर कब
प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मैहर के लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यहां संचालित विस्फोटक इकाइयों, स्टोर हाउसों और भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण आखिर कब होगा।
सत्यापन बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी इकाइयों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, सुरक्षा संकेतक बोर्ड और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही विस्फोटक सामग्री के भंडारण, लाइसेंस की वैधता और रिकॉर्ड का समय-समय पर सत्यापन भी बेहद जरूरी है।
जिला प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रदेश के अन्य जिलों की तर्ज पर मैहर में भी संयुक्त जांच अभियान चलाकर विस्फोटक इकाइयों और भंडारण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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