
इंदवार/देवगवा: राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट: इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम कुदरी (चँसुरा) में यादव परिवार पर लगातार दुखों का ऐसा सिलसिला टूट पड़ा है, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। टाइगर हमले में बहू की मौत के बाद अब जेठ ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जानकारी के अनुसार, बीते 16 मई को ममता यादव तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं, जहां टाइगर के हमले में उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि बुधवार को एक और दुखद घटना सामने आ गई।
ममता यादव के जेठ और तीन भाइयों में सबसे बड़े तीरथ यादव (37 वर्ष) का शव अमरपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम देवगवा में एक आम के पेड़ से गमछे के सहारे लटका मिला। वे इन दिनों अपनी ससुराल देवगवा में रह रहे थे। सुबह ग्रामीणों ने शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मामले को आत्महत्या माना है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, यादव परिवार के पास करीब ढाई एकड़ कृषि भूमि थी, जिससे उनका जीवन-यापन चलता था। लेकिन कुछ वर्ष पहले जंगली हाथियों ने खेतों की फसल पूरी तरह नष्ट कर दी थी, जिससे परिवार आर्थिक तंगी में आ गया। इसी तनाव में परिवार के मुखिया कन्ना सिंह यादव ने आत्महत्या कर ली थी।
इसके बाद परिवार ने मवेशी पालन से जीवन संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद तेंदुए ने उनके बाड़े में घुसकर अधिकांश मवेशियों को मार डाला, जिससे आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। इसी बीच परिवार की एक बेटी गंभीर बीमारी के चलते जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ चुकी थी।
इसके बाद टाइगर हमले में बहू ममता यादव की मौत और अब जेठ तीरथ यादव की आत्महत्या ने पूरे परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। गांव में इस परिवार की कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे सामान्य घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि लगातार टूटते एक परिवार की त्रासदी मान रहे हैं। एक महीने के भीतर हुई लगातार मौतों ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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