
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार, यदि केतन को पहले हुए हमले के पीछे की सच्चाई का अंदाजा हो जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जांच में सामने आया है कि मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन की हत्या की साजिश एक बार नहीं, बल्कि कई बार रची थी।
पुलिस के मुताबिक, पहली कथित कोशिश 31 मई को लोहागढ़ किले पर की गई थी। आरोप है कि उस दौरान सिया ने केतन को खाई की ओर धक्का दिया, लेकिन वह नीचे गिरने से पहले झाड़ियों और पेड़ों को पकड़कर बच गया। बाद में सिया ने उसे बताया कि उसने उसे सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था, जिस पर केतन ने भरोसा कर लिया। यदि उस समय उसे साजिश का शक हो जाता, तो आगे की घटनाएं टल सकती थीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इसके बाद भी हत्या की दो और कोशिशें की गईं। एक बार केतन की मां द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से योजना विफल हो गई, जबकि दूसरी बार किले पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण आरोपियों ने अपना इरादा बदल दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने कई बार मौके की तलाश की और अंततः 18 जून को अपनी योजना को अंजाम दिया।
केतन अग्रवाल, जो पुणे के एक रियल एस्टेट कारोबारी परिवार से जुड़े थे, अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ इसी वर्ष शादी करने वाले थे। शुरुआत में उनकी मौत को ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्यों और बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया। फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
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