
कुशीनगर/गोविंद पटेल की रिपोर्ट: नगर पंचायत छितौनी में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के “सभासद एकता परिषद” ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नगर पंचायत में हुए विभिन्न कार्यों की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए पक्षपातपूर्ण तरीके से चयन किया गया। इसके अलावा बिना कार्य कराए भुगतान किए जाने, सरकारी धन के दुरुपयोग तथा राजस्व को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
सभासद एकता परिषद ने नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले सीमेंटेड बेंचों के भुगतान पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर बेंच लगाए बिना ही भुगतान कर दिया गया, जबकि सूचना मांगने पर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। परिषद का कहना है कि इससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका और बढ़ गई है। ज्ञापन में विकास कार्यों, मिट्टी भराई और निर्माण कार्यों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। परिषद का दावा है कि कई मामूली कार्यों के बदले हजारों रुपये का भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
इसके साथ ही नगर पंचायत कार्यालय में कर्मचारियों की समय पर अनुपस्थिति और आम जनता के कार्यों में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई है। परिषद का कहना है कि इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन के प्रति विश्वास प्रभावित हो रहा है। सभासदों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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