
कुशीनगर/गोविंद पटेल की रिपोर्ट: मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए कुशीनगर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक ने खड्डा क्षेत्र स्थित छितौनी तटबंध का संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर चल रहे मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और कटानरोधी कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंध के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां चल रहे निर्माण और सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य 20 जून तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। डीएम ने कहा कि बाढ़ के दौरान तटबंधों की मजबूती ही हजारों लोगों की सुरक्षा का आधार होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से संवेदनशील और कटान प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नदी के बहाव से कटान का खतरा अधिक है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की आपदा की स्थिति उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ चौकियों की स्थिति, राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता, नावों की व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की भी समीक्षा की। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के समय राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधनों को पहले से तैयार रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तटबंध सुरक्षा कार्यों, रैट होल भराई, रेंकट सुरक्षा कार्यों या अन्य बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं में यदि किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि समय रहते बाढ़ सुरक्षा कार्यों को पूरा कर लेने से संभावित बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोका जा सके।
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