
मैहर/देवेश शर्मा। नेशनल हाईवे किनारे स्थित घुनवारा क्षेत्र में अवैध डीजल-पेट्रोल कारोबार पर लगाम लगाने के लिए तेल कंपनियों ने सख्त कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार, भारत पेट्रोलियम (BPCL), इंडियन ऑयल (IOC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों ने जबलपुर डिपो स्तर पर घुनवारा क्षेत्र को “रेड जोन” घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अवैध ईंधन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
टैंकर चालकों को जारी हुए सख्त निर्देश
जानकारी के मुताबिक तेल कंपनियों ने अपने डीजल और पेट्रोल टैंकर चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घुनवारा क्षेत्र में किसी भी अनधिकृत स्थान पर वाहन नहीं रोके जाएं। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई टैंकर अवैध रूप से ईंधन उतारते या ईंधन चोरी में संलिप्त पाया गया, तो संबंधित टैंकर और संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलों में टैंकरों को ब्लैकलिस्ट करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। इससे टैंकर मालिकों और चालकों पर नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ गया है।
पहले भी हो चुकी हैं प्रशासनिक कार्रवाई
करीब दो महीने पहले मैहर प्रशासन ने घुनवारा क्षेत्र में अवैध डीजल-पेट्रोल कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कई कार्रवाई की थीं। उस दौरान हाईवे किनारे संचालित कुछ ढाबों और अन्य स्थानों पर अवैध ईंधन बिक्री के मामलों को लेकर जांच और कार्रवाई की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी क्षेत्र में अवैध ईंधन बिक्री की शिकायतें पूरी तरह बंद नहीं हुई थीं। यही वजह है कि अब तेल कंपनियों ने भी अपने स्तर पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने का निर्णय लिया है।
निगरानी बढ़ने से कारोबारियों में हड़कंप
तेल कंपनियों के इस फैसले को अवैध डीजल-पेट्रोल कारोबार के खिलाफ बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनियों द्वारा निगरानी बढ़ाने और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई की चेतावनी के बाद अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों में बेचैनी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर लगातार निगरानी रखें, तो क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध ईंधन कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
अवैध कारोबार पर लग सकता है अंकुश
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे किनारे अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल बिक्री न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा पैदा करती है। ऐसे में तेल कंपनियों का यह कदम स्वागत योग्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैंकरों की गतिविधियों पर निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित होने पर अवैध ईंधन नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
घुनवारा को “रेड जोन” घोषित कर तेल कंपनियों ने अवैध डीजल-पेट्रोल कारोबार के खिलाफ बड़ा संदेश दिया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब कंपनियों की सख्ती से अवैध ईंधन कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस अभियान के परिणामों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
- Maihar: Ghunwara becomes a red zone oil companies take major action against illegal diesel and petrol trade








