
लखीमपुर खीरी: जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां नीट यूजी परीक्षा की अनिश्चितता और पेपर लीक के विवादों ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। जिले के रहने वाले ऋतिक मिश्रा ने नीट परीक्षा के भविष्य को लेकर मचे घमासान और पेपर रद्द होने की संभावनाओं से आहत होकर फांसी लगा ली। परिजनों के मुताबिक, ऋतिक ने इस प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की थी और वह डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। हालांकि, परीक्षा के आयोजन में हुई धांधली और उसके बाद उपजे विवादों की खबरों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
इस बीच, नीट पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें राजनीतिक रसूखदारों की संलिप्तता के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसी क्रम में एक भाजपा नेता को गिरफ्तार किया गया है, जिसने अपनी गिरफ्तारी के बाद जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी नेता का दावा है कि इस पूरे घोटाले में असली सूत्रधार और ‘बड़े चेहरों’ को बचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि छोटे मोहरों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। एक तरफ जहां छात्र की मौत ने प्रशासन और परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर इस मामले में हो रही राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और अधिक गरमा दिया है।
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