
जबलपुर/शेख सिकंदर की रिपोर्ट: नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिव एजाज अंसारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति डॉ. मनदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव एजाज अंसारी ने आरोप लगाया कि हाल ही में जबलपुर और महू परिसर के लिए फर्नीचर क्रय हेतु GeM पोर्टल के माध्यम से जारी निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। उनका कहना है कि निर्धारित पात्रता और आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं करने वाली कुछ फर्मों को कथित रूप से लाभ पहुंचाते हुए कार्य आदेश जारी किए गए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों और पात्रता मानकों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। साथ ही निविदा समिति के गठन में भी नियमों का पालन नहीं किया गया। एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि एक ऐसी फर्म को कार्य आदेश जारी किया गया, जो फर्नीचर आपूर्ति के लिए अधिकृत या पंजीकृत नहीं है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निविदा समिति और प्रशासनिक प्रक्रिया में ऐसे व्यक्तियों को शामिल किया गया, जिनकी निष्पक्षता पर सवाल उठते रहे हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयीन कार्यों में नियमित कर्मचारियों के स्थान पर संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से कार्य कराए जाने को भी उन्होंने नियमों के विपरीत बताया। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही आरोपों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान शफी खान, अनुराग शुक्ला, सैफ मंसूरी, वकार खान, युग ठाकुर, अनिकेत तिवारी सहित एनएसयूआई के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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