Pati Patni Aur Woh Do Review: स्क्रीन पर सारा-वामिका-रकुल का ‘पावर पैक’ धमाका; मगर क्या फीके पड़ गए कॉमेडी किंग आयुष्मान खुराना?

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना साल 2026 की अपनी पहली थिएट्रिकल रिलीज ‘पति पत्नी और वो दो’ के साथ बड़े पर्दे पर लौट आए हैं। मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बनी यह फिल्म उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की जीवंत गलियों में सेट की गई एक सिचुएशनल और कन्फ्यूजन कॉमेडी है। फिल्म की मूल कहानी एक सीधे-साधे फॉरेस्ट ऑफिसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बिखर जाती है जब वह अपनी ही पत्नी के सामने दो अन्य महिलाओं के साथ झूठे रिश्तों के अजीब चक्रव्यूह में फंस जाता है।

उलझनों से भरी कहानी

पति पत्नी और वो दो’ की कहानी एक फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे (आयुष्मान खुराना) के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी पत्नी अपर्णा (वामिका गब्बी) पेशे से एक निडर रिपोर्टर हैं। फिल्म की शुरुआत एक बेहद दिलचस्प सीक्वेंस से होती है, जहां प्रजापति को शहर में भटके एक तेंदुए को पकड़ने का काम सौंपा जाता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब प्रजापति की पुरानी दोस्त चंचल (सारा अली खान) की एंट्री होती है, जो एक गंभीर मुसीबत में फंसी है। चंचल की जान बचाने और उसकी मदद करने के चक्कर में प्रजापति खुद को एक बड़े संकट में डाल बैठता है और यहीं से फिल्म में ‘पति पत्नी और वो दो’ का असली कन्फ्यूजन और सिलसिला शुरू होता है।

उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे आयुष्मान खुराना

फिल्म का सबसे कमजोर और हैरान करने वाला पहलू इसके लीड एक्टर आयुष्मान खुराना का प्रदर्शन है। आयुष्मान हमेशा अपनी नेचुरल, संजीदा और एफर्टलेस एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं, जैसा कि दर्शकों ने ‘विक्की डोनर’ जैसी शानदार फिल्म दे चुके है, वहीं ‘अंधाधुन’ में  उन्होने अपने अभियन की रेज दिखाई थी। हालांकि, ‘पति पत्नी और वो दो’ में वे अपने चिर-परिचित अंदाज से काफी भटके हुए नजर आते हैं। फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे के रूप में वे स्क्रीन पर बहुत लाउड और शोर मचाते हुए से लगते हैं। कई महत्वपूर्ण सीन में विशेषकर जहां उन्हें डरा हुआ या कन्फ्यूज्ड दिखना था, वे ओवरएक्टिंग करते और चेहरे के अत्यधिक हाव-भाव (फेशियल एक्सप्रेशंस) बनाते दिखाई देते हैं। ऐसा भी नही है की आयुष्मान खुराना खराब की कई सीन में उन्होने कमाल का काम किया है। पिछले वर्षा ही मैडॉक हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्म थामा में दमदार अभिनय किया था, प इस बार उनकी एक्टिंग फीकी नजर आए है

फीमेल स्टार कास्ट ने मारी बाजी

इसके बिल्कुल विपरीत, फिल्म की फीमेल स्टार कास्ट ने पूरी फिल्म को अपने कंधों पर आगे बढ़ाया है। वामिका गब्बी ने एक बार फिर अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया है। खोजी पत्रकार और एक शक्की पत्नी के दोहरे किरदारों के बीच उन्होंने जो शानदार संतुलन बनाया है, वह वाकई तारीफ के काबिल है। पर्दे पर उनकी उपस्थिति बेहद रिफ्रेशिंग लगती है। जानवरों को हिप्नोटाइज करने वाली नीलोफर के रूप में रकुल प्रीत सिंह का किरदार काफी नया और दिलचस्प है। वे अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से प्रभावित करती हैं और आयुष्मान के साथ उनके दोस्ती वाले सीन काफी स्वाभाविक बन पड़े हैं। सारा अली खान एक परेशान लेकिन बेहद बबली और ऊर्जावान लड़की के रोल में पूरी तरह फिट बैठी हैं। हालांकि दूसरी अभिनेत्रियों की तुलना में उनका स्क्रीन टाइम थोड़ा कम है, लेकिन जब भी वे स्क्रीन पर आती हैं, अपनी हाई-एनर्जी से दृश्यों में जान फूंक देती हैं।

निर्देशन और स्क्रीनप्ले की कमियां

निर्देशक मुदस्सर अजीज को इस तरह की सिचुएशनल और कमर्शियल कॉमेडी फिल्में बनाने का एक लंबा अनुभव है। उन्होंने फिल्म की रफ्तार (पेस) को कहीं भी सुस्त नहीं होने दिया है। फिल्म का फर्स्ट हाफ बेहद तेजी से आगे बढ़ता है और दर्शकों को स्क्रीन से बांधकर रखने में कामयाब होता है। खासकर शुरुआत में तेंदुए को पकड़ने का सीक्वेंस और गजराज के गुर्गों द्वारा की जाने वाली छानबीन के दृश्य काफी मनोरंजक हैं। फिल्म की मुख्य समस्या इसके स्क्रीनप्ले और राइटिंग में नजर आती है। कहानी का मूल कॉन्सेप्ट बहुत ही फ्रेश और दिलचस्प है जिसमें एक पति अपनी ही पत्नी को बचाने के चक्कर में दो अन्य महिलाओं और एक पुरुष के साथ झूठे रिश्तों के ताने-बाने में फंस जाता है। हालांकि, लेखक इस बेहतरीन और मजेदार आइडिया को सेकंड हाफ में एक मजबूत और लॉजिकल स्क्रीनप्ले में तब्दील करने में असफल रहे। फिल्म के दूसरे हिस्से में कन्फ्यूजन को इस कदर बढ़ा-चढ़ाकर और जबरदस्ती खींचा गया है कि वह कॉमेडी के बजाय थोड़ा सिरदर्द बनने लगता है।

फिल्म देखें या ना देखें

‘पति पत्नी और वो दो’ भले ही कोई कल्ट या ब्लॉकबस्टर फिल्म न हो, लेकिन यह निश्चित रूप से एक ‘एवरेज एंटरटेनर’ फिल्म है, जिसे आप वीकेंड पर अपने परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ एक बार आराम से देख सकते हैं। यदि आप सिनेमाघर में बहुत ज्यादा उम्मीदें लेकर  जाएंगे, तो यह फिल्म आपको निराश करेगी। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई ऐतिहासिक सफलता हासिल नहीं करने वाली, लेकिन अपनी क्लीन कॉमेडी और पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी के दम पर यह अपनी लागत निकालकर ‘एवरेज हिट’ का टैग पाने में सफल हो सकती है। हल्की-फुल्की गलतफहमियों वाली पारिवारिक कॉमेडी फिल्मों के शौकीनों के लिए यह कन्फ्यूजिंग ड्रामा थिएटर्स में एक बार देखने का विकल्प बन सकता है।

ब्रांणवाणी का फाइनल फैसला : 2.3/5 स्टार 

फिल्म के कलाकार: आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह, वामिका गब्बी, विजय राज, तिग्मांशु धूलिया, आयशा रजा

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    Rashel Kachwah Rajput

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