Tech News: Physical AI का दौर शुरू, Robotics और Smart Machines में Global Investment Race तेज

टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई बार बड़ा बदलाव किसी एक आविष्कार से नहीं बल्कि कई तकनीकों के एक साथ विकसित होने से आता है। फिलहाल ऐसा ही दौर Physical AI के साथ देखने को मिल रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल डेटा विश्लेषण या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक दुनिया में काम करने वाली मशीनों और रोबोट्स को भी संचालित कर रही है।

Physical AI का मतलब ऐसे AI सिस्टम से है जो अपने आसपास के वातावरण को समझ सकें, निर्णय ले सकें और उसी के अनुसार कार्रवाई भी कर सकें। इसमें रोबोट, स्वायत्त वाहन, स्मार्ट मशीनें और औद्योगिक ऑटोमेशन सिस्टम शामिल हैं। टेक विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक आने वाले वर्षों में उद्योगों और उत्पादन प्रणालियों में बड़ा बदलाव ला सकती है।

पश्चिमी कंपनियां बना रही हैं AI प्लेटफॉर्म

अमेरिका और यूरोप की कई बड़ी टेक कंपनियां Physical AI के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर और तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित करने में जुटी हैं। उदाहरण के तौर पर Nvidia ने रोबोट्स के लिए नए AI मॉडल और उच्च दक्षता वाले कंप्यूटिंग मॉड्यूल पेश किए हैं, जिससे मशीनों को तेजी से सीखने और काम करने में मदद मिल सकती है।

वहीं Arm ने रोबोटिक्स और स्मार्ट वाहनों के लिए सेमीकंडक्टर डिजाइन पर केंद्रित एक नया बिजनेस यूनिट शुरू किया है। इसके अलावा Siemens और Nvidia मिलकर एक ऐसे इंडस्ट्रियल AI ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य पूरी तरह AI-आधारित स्मार्ट फैक्ट्री तैयार करना है।

इसी बीच Google ने भी अपनी रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर यूनिट Intrinsic को अपने मुख्य बिजनेस में शामिल कर लिया है। इससे कंपनी भविष्य में AI मॉडल, रोबोटिक्स सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म के रूप में उद्योगों को उपलब्ध करा सकेगी।

एक वैश्विक सर्वे के मुताबिक दुनिया भर के लगभग 58% व्यवसाय किसी न किसी रूप में Physical AI का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं, जबकि अगले दो वर्षों में यह आंकड़ा 80% तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

चीन मशीनों के निर्माण में आगे

जहां पश्चिमी देश तकनीकी प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं चीन रोबोट और हार्डवेयर निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2025 में दुनिया भर में लगाए गए मानव जैसे रोबोट (Humanoid Robots) का 80% से अधिक हिस्सा चीन में स्थापित किया गया

चीन के पास हार्डवेयर निर्माण से जुड़ी कई रणनीतिक बढ़त भी है। उदाहरण के लिए, LiDAR सेंसर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के वैश्विक बाजार का बड़ा हिस्सा चीन के पास है। इसके अलावा रोबोट की मूवमेंट के लिए जरूरी हार्मोनिक गियर जैसे कंपोनेंट्स का उत्पादन भी वहां बड़े पैमाने पर होता है।

चीनी टेक कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रही हैं। Alibaba ने हाल ही में एक ओपन-सोर्स AI मॉडल लॉन्च किया है, जो रोबोट्स को वास्तविक दुनिया की वस्तुओं को पहचानने और समझने में मदद कर सकता है।

क्यों अहम है Physical AI

विशेषज्ञों का मानना है कि Physical AI तकनीक से उद्योगों में ऑटोमेशन पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है। पहले जहां औद्योगिक रोबोट्स को स्थापित करने में महीनों का समय और विशेषज्ञ इंजीनियरों की जरूरत पड़ती थी, वहीं नए AI प्लेटफॉर्म इस प्रक्रिया को काफी सरल बना सकते हैं।

कुछ कंपनियों का दावा है कि नई Physical AI तकनीक की मदद से ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स का समय महीनों से घटकर कुछ दिनों तक रह सकता है। यदि ऐसा बड़े पैमाने पर संभव हुआ, तो मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन के तरीके पूरी तरह बदल सकते हैं।

तकनीक के साथ जुड़ा वैश्विक रणनीतिक पहलू

Physical AI केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि इसके साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी जुड़ी हुई है। जो देश या कंपनी इस तकनीक के सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म लेयर पर नियंत्रण स्थापित करेगी, उसे भविष्य के औद्योगिक ढांचे में बड़ी रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Physical AI उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और परिवहन जैसे क्षेत्रों को नए तरीके से परिभाषित कर सकता है। यही वजह है कि दुनिया भर की कंपनियां और सरकारें इस तकनीक में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं।

  • gaurav singh rajput

    gaurav singh rajput

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