
शिवपुरी/पोहरी (कुलदीप शर्मा की रिपोर्ट): जन शिक्षा केंद्र गोवर्धन के संकुल क्षेत्र से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। प्राथमिक विद्यालय आदिवासी गिरमानी में ब्लैक बोर्ड के सामने पढ़ाई कर रहे बच्चों के बीच आवारा कुत्ते नजर आए। स्कूल में बच्चों के बीच कुत्तों की मौजूदगी को लेकर विद्यालय प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि संकुल अकादमिक समन्वयक (CAC) रामहेत यादव की मौजूदगी में विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान स्कूल परिसर और कक्षा के आसपास आवारा कुत्ते दिखाई दिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विद्यालय परिसर में आवारा पशुओं की मौजूदगी को रोकने और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं।
बैराड़ में कुत्तों के हमले के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार
गौरतलब है कि हाल ही में बैराड़ क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे इलाज के लिए भेजा गया था। ऐसे में छोटे बच्चों के बीच आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर चिंता और बढ़ जाती है। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चे किसी संभावित खतरे का आकलन करने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की होती है। यदि कोई आवारा कुत्ता अचानक आक्रामक हो जाए तो बच्चों के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस तस्वीर के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था है, इसकी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का स्थान भी है। ऐसे में स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई?
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाए और आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बच्चों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।
ये भी पढ़े – पोहरी की हर्रई पंचायत में नीचे पड़ा मिला तिरंगा, ग्रामीणों ने सम्मानपूर्वक उठाया; जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल
- pohri-school-children-stray-dogs-raise-questions-on-student-safety-shivpuri








