
राममंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, अवैध निर्माण पाए जाने पर आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। प्रशासन संबंधित संपत्तियों की जांच कर रहा है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच राममंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने पूरे विवाद पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे बड़ी गलती गोपाल राव की है। महंत दिनेंद्र दास का आरोप है कि गोपाल राव राम परंपरा का पालन नहीं करते और उनकी कार्यशैली मंदिर की स्थापित मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर की कार्रवाई केवल कानून के दायरे में ही की जाएगी। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है या अवैध निर्माण किया है, तभी नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। फिलहाल संबंधित विभागों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
राममंदिर से जुड़े इस मामले ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। एक ओर मंदिर प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कर रहा है, वहीं विपक्षी दल निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और दोषियों के खिलाफ कितना सख्त कदम उठाया जाता है।
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