
रतलाम (मध्यप्रदेश) में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर उस समय बड़ा हादसा हो गया जब तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस में आग लग गई। आलोट और लूणी स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे ट्रेन के बी-1 और एसएलआर कोच में अचानक आग भड़क उठी, जिससे दोनों कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
आग लगते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। ट्रेन को तुरंत रोका गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान लूणी और रिछा गांव के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और यात्रियों को ट्रेन से नीचे उतरने में मदद की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन में लगे फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम ने समय रहते अलर्ट दिया, जिससे ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम सक्रिय हो गया और ट्रेन तुरंत रोक दी गई। कोटा रेल मंडल के एडीआरएम ललित कुमार धुरंधर ने बताया कि इसी तकनीक की वजह से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान बचाई जा सकी।
आग इतनी भीषण थी कि बी-1 और एसएलआर कोच पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। मौके पर रेलवे और ग्रामीणों ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य किया। पानी के टैंकर और अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर कोटा और रतलाम रेल मंडल से दुर्घटना राहत ट्रेन भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया। आग बुझने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि रेलवे ने फोरेंसिक और तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। घटना के बाद यात्रियों ने बताया कि उन्हें अपना कीमती सामान छोड़कर जान बचाकर नीचे उतरना पड़ा, जिससे उन्हें नुकसान हुआ है। वहीं ग्रामीणों की मदद से यात्रियों को पानी और प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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