
सागर: संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता पूर्ण आचरण के आरोपों के चलते शाहगढ़ के तत्कालीन तहसीलदार एवं वर्तमान में बण्डा तहसील में प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ ज्ञानचंद्र राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर सागर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, ज्ञानचंद्र राय पर शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप पाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
निलंबन आदेश के तहत ज्ञानचंद्र राय का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय सागर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र रहेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई शासकीय कार्यों के संचालन में बरती गई अनियमितताओं और अधिकारियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कमिश्नर द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में चर्चा का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि ज्ञानचंद्र राय पूर्व में शाहगढ़ तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ रहे हैं और वर्तमान में बण्डा तहसील में प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत थे। अब मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
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