
सागर: क्षेत्र की जनता को शुद्ध और सुचारू पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सख्त संदेश मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आज सागर जिला कलेक्टर सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान दिया।
बैठक में मंत्री राजपूत ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और जल निगम के अधिकारियों के साथ-साथ निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य फोकस सुरखी विधानसभा क्षेत्र में चल रही नल-जल योजनाओं की प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों पर रहा।
मंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि कई गांवों और कस्बों से नल-जल योजनाओं के अधूरे कार्य, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क मरम्मत न होने और नियमित जल आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में यदि ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण या लापरवाही की जाती है तो उसके खिलाफ सीधे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही मंत्री ने पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त होने वाली पानी संबंधी शिकायतों का निराकरण 24 से 48 घंटे के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों की पेयजल स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर गांव में नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी समस्या हो, उसका तुरंत समाधान किया जाए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल निगम के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा।
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